​एरवाकटरा: मुहर्रम के पवित्र महीने में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल, ऐरवा बाजार में व्यापारियों ने राहगीरों को बांटा ठंडा शरबत

​एरवाकटरा (औरैया)। मुहर्रम के पवित्र और ऐतिहासिक महीने के अवसर पर आज कस्बा एरवाकटरा के ऐरवा बाजार में आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में स्थानीय व्यापारियों और समाजसेवियों ने मिलकर एक विशाल शरबत वितरण शिविर का आयोजन किया, जिसमें हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
​राहगीरों को मिली भीषण गर्मी से राहत
​ऐरवा बाजार के मुख्य चौराहे पर आयोजित इस शिविर में सुबह से ही राहगीरों, दुकानदारों और राह चलते मुसाफिरों को रोक-कर बड़े ही आदर और प्रेम के साथ ठंडा व मीठा शरबत पिलाया गया। इस दौरान वहां से गुजरने वाले हर छोटे-बड़े व्यक्ति ने रुककर शरबत का आनंद लिया और इस सराहनीय कार्य की खुलकर प्रशंसा की।
​व्यापारियों और युवा नेताओं ने संभाली कमान
​इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में क्षेत्र के प्रमुख व्यापारियों और गणमान्य नागरिकों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
​मोहम्मद लईक उर्फ बंटी (वरिष्ठ व्यापारी)
​अहमद मिस्त्री (स्थानीय व्यवसायी)
​बबलू बक्सा वाले (व्यापारी)
​शनि (युवा सपा नेता)
​तरु चौहान (व्यवसायी एवं समाजसेवी)
​शिविर के दौरान सभी व्यापारियों और युवाओं ने एकजुट होकर खुद अपने हाथों से लोगों को शरबत वितरित किया।
​”मुहर्रम का महीना हमें त्याग, बलिदान और इंसानियत की सीख देता है। इस भीषण गर्मी में प्यासे को पानी या शरबत पिलाना सबसे बड़ा पुण्य का काम है। हमारा मकसद सिर्फ लोगों की सेवा करना और समाज में आपसी प्रेम को बढ़ावा देना है।”
— मोहम्मद लईक उर्फ बंटी व युवा सपा नेता शनि
​क्षेत्र में सराहना का माहौल
​ऐरवा बाजार में हुए इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि त्योहार चाहे कोई भी हो, एरवाकटरा की जनता हमेशा मिलकर हर अवसर को भाईचारे के रंग में सराबोर कर देती है। इस मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग और अन्य व्यापारी भी मौजूद रहे और सभी ने इस सेवा कार्य के लिए आयोजन टीम की पीठ थपथपाई।

ब्यूरो रिपोर्ट: गौरव कुमार पोरवाल, एरवाकटरा (औरैया)

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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