राजपुर, कानपुर देहात। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. जय गोविन्द ने रविवार को राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में कई खामियां सामने आईं, जिस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
दोपहर करीब 3:45 बजे किए गए निरीक्षण के दौरान आरोग्य मेला कक्ष में ताला लटका मिला। निरीक्षण का उद्देश्य आरोग्य मेले में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना था। इसी दौरान पीएचसी परिसर में भी गंदगी फैली मिली, जिस पर सीएमओ ने असंतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के समय सट्टी थाना पुलिस एक आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए चिकित्सक का इंतजार कर रही थी, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण मेडिकल नहीं हो सका। स्थानीय लोगों के अनुसार अक्सर ऐसी स्थिति में मरीजों और पुलिस को लगभग 10 किलोमीटर दूर सिकंदरा सीएचसी जाना पड़ता है, जिससे उपचार में देरी होने का खतरा बना रहता है।
सीएमओ के पहुंचने पर प्रसव कक्ष में स्टाफ नर्स अलका सचान, निवेदिता कटियार और अभिरूचि मौजूद मिलीं। निरीक्षण की सूचना मिलने के बाद चिकित्सक डॉ. मनोज सरोफ भी पीएचसी पहुंच गए। सीएमओ ने उनसे आरोग्य मेले में मरीजों को दी गई सेवाओं, उपचार, दवाओं और टीकाकरण की जानकारी मांगी, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें फटकार लगाई।
टीकाकरण कक्ष में भी ताला लटका मिला। बताया गया कि टीकाकरण ड्यूटी पर तैनात एएनएम कमलेश कुमारी समय से पहले कक्ष बंद कर घर चली गई थीं। आरोग्य मेले में डॉ. मनोज सरोफ, आयुष चिकित्सक शिव विनायक त्रिपाठी, आयुष फार्मासिस्ट शंकर सिंह तथा वार्ड बॉय गोविंद सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। निरीक्षण के दौरान डॉ. मनोज सरोफ और गोविंद सिंह को छोड़कर अन्य कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
सीएमओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएचसी प्रभारी डॉ. सलिल सचान से फोन पर नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार लाने को कहा।
सीएमओ डॉ. जय गोविन्द ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और प्राप्त जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संवाददाता
साहिल कटियार
सिकंदरा कानपुर देहात













