उरई। जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि जनपद जालौन में निवासरत समस्त दिव्यांग छात्राएं जो 16 वर्ष या उससे अधिक उम्र की है एवं जो किसी भी स्कूल/कालेज / संस्थान में अध्ययनरत एवं शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, को सूचित किया जाता है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा ई-ट्राईसाइकिल योजना संचालित की गयी है। ऐसी दिव्यांग छात्राएं जो दैनिक कक्षाओं, लाइब्रेरी, लैब, हास्टल आदि में सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त नहीं कर पाती हैं उनको ई-ट्राईसाइकिल प्रदान कर उनका शैक्षिक पुनर्वासन किया जाना है। इस योजनान्तर्गत अधिकतम धनराशि रु० 65000/- (रु० पैसठ हजार मात्र) प्रति ई-ट्राईसाइकिल अनुमन्य किया गया है।
पात्रता-ऐसी दिव्यांग छात्राएं जो मस्क्यूलर डिस्ट्रोफी, स्ट्रोक, सेरेवल पाल्सी, हीमोफिलिया आदि से ग्रसित हो तथा शारीरिक रूप से उनकी दृष्टि और मानसिक स्थिति अच्छी हो एवं कमर का ऊपरी भाग स्वस्थ्य हो जो ई-ट्राईसाइकिल चलाने में सक्षम हो तथा जिसकी दिव्यांगता (दिव्यांग प्रमाण-पत्र, यू०डी०आई०डी० कार्ड) कार्यालय मुख्य चिकित्साधिकारी, जालौन स्थान उरई द्वारा प्रमाणित हो। इस योजनान्तर्गत ऐसी दिव्यांग छात्राएं या उनका परिवार आयकरदाता श्रेणी में न आता हो। गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार को प्रथम वरीयता प्रदान की जाएगी साथ ही योजनान्तर्गत उन्हीं दिव्यांग छात्राओं को लाभ दिया जाएगा जिनको विगत 05 वर्ष की अवधि में किसी भी स्त्रोतों से ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त न हुई हो।ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त किये जाने हेतु अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र संबंधित शिक्षण / प्रशिक्षण संस्थान से उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य होगा। आवेदन प्रक्रिया पूर्ण से ऑनलाइन होगी। इच्छुक दिव्यांग छात्राए लाभ प्राप्त किये जाने अथवा अधिक जानकारी हेतु कार्यालय, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, कलेक्ट्रेट कैम्पस, डी०पी०आर०ओ० भवन उरई में उपस्थित होकर प्राप्त कर सकती हैं।













