उरई। उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र धर्मेंद्र कुमार भास्कर ने एक जनपद एक व्यंजन वित्त पोषण हेतु सहायता योजना के विषय में बताया कि एक जनपद एक व्यंजन वित्त पोषण हेतु सहायता योजना (ODOC) के अंतर्गत जनपद जालौन के लिए चयनित उत्पाद रसगुल्ला एवं गुजिया के उद्योग, सेवा तथा व्यवसाय से जुड़े सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकान चयनित उत्पाद बनाने की संस्थाएं एवं नवीन उद्यमी इस वित्त पोषण योजना के अंतर्गत अपने कार्य को प्रारंभ करने हेतु अथवा विस्तारीकरण हेतु प्रोजेक्ट वित्त पोषण का लाभ ले सकते है। योजनांतर्गत वित्त पोषण हेतु आवेदन पत्र विभागीय पोर्टल / वैबसाइट पर ऑनलाइन ही प्राप्त किये जायेंगे जिसका पता http://msme-up-gov.in है। योजना की पात्रता एवं लाभ निम्नवत है:
पात्रता की शर्ते : आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए,किसी भी प्रकार की शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है,आवेदक द्वारा भारत सरकार या उ०प्र० सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य स्वरोजगार योजना का पूर्व में लाभ प्राप्त न किया गया हो,आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य को योजनान्तर्गत केवल एक बार ही लाभान्वित किया जाएगा,आवेदक को पात्रता की शर्तों को पूर्ण किये जाने के सम्बंध में शपथ पत्र,विशेष श्रेणी यथा अनु० जाति, अनु० जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांगजन की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी निर्गत प्रमाण पत्र,बैंक द्वारा स्वीकृति परियोजना लागत पर नियमानुसार 10 से 25 प्रतिशत तक ऋण में अनुदान प्रदान किया जाएगा,सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों द्वारा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वंय के अंशदान के रूप में जमा करना होगा,विशेष श्रेणी (अनु०जाति, अनु० जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, टांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांगजन) के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 05 प्रतिशत स्वंय के अंशदान के रूप में जमा करना होगा,उद्यम के 02 वर्ष तक सफल संचालन के उपरान्त मार्जिन मनी, अनुदान के रूप में बैंक ऋण में समायोजित की जायेगी।













