जिले पर बैठे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की आंखों पर बंधी गांधारी की पट्टी
कुठौंद जालौन। जनपद जालौन के कस्बा कुठौंद में मानक विहीन हास्पिटल तथा क्लीनिकों का का बड़ा बोल वाला यहां पर भारी भरकम कीमत पर प्रसव के लिए ठेका ले लिया जाता है और प्रसव के लिए आई महिलाओं की जान से कर रहे खिलवाड़ फिर भी ऐसी कर शैली को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग प्रशासन मौन बैठा हुआ है। सन् 2026 के आरंभ से लेकर आज तक लगभग इन प्राइवेट हॉस्पिटलों में 6 से 7 तक जच्चा बच्चा को मौत के मुंह में धकेल दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बैठे चिकित्सा अधिकारी इनके द्वारा भी कोई ऐसे गोरख धंधा चलाने वाले हॉस्पिटलों पर पाबंदी नहीं लग रहे हैं। आखिर इसमें क्या राज हो सकता है। प्राइवेट हॉस्पिटल की दुकान आखिर किसकी कर परस्ती पर पनप रही है।इसमें किसका सहयोग कायम है। कितनी घटनाएं होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कान पर जूं तक नहीं रह रहा है । मीडिया के द्वारा कई बार खबरें प्रकाशित की जा चुकी हैं लेकिन आल्हा अधिकारियों का एक ही घातम बना हुआ है कि हम जो करेंगे वही होगा खबर प्रशासन से क्या कोई परिवर्तन हो सकता है। ऐसा प्रतीत होता है शासन व प्रशासन प्रकाशित खबर का कोई भी संज्ञान लेने में सक्षम नहीं है। इसीलिए कोथा तथा मदारीपुर में पनप रहे हैं। मानक विहीन हास्पिटल तथा क्लीनिक यदि इन पर अंकुश लग गया होता तो आज प्रसव के दौरान इस तरह की दर्दनाक मौत का सामना नहीं करना पड़ता।










