कानपुर देहात। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के तत्वावधान में एवोक इंडिया फाउंडेशन द्वारा कृषि भवन, कानपुर देहात में ‘किसान जागरूकता एवं वित्तीय साक्षरता कार्यशाला’ का सफल आयोजन किया गया। “समृद्ध किसान, सुरक्षित भविष्य” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में किसानों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने, सुरक्षित निवेश की समझ विकसित करने तथा डिजिटल युग में बढ़ते वित्तीय जोखिमों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ हरिशंकर भार्गव, उप निदेशक कृषि के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसानों के लिए केवल कृषि उत्पादन ही नहीं, बल्कि अपनी आय का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित वित्तीय प्रबंधन भी उतना ही आवश्यक है। कार्यक्रम में SEBI के उप महाप्रबंधक मृदुल रस्तोगी ने मुख्य वक्ता के रूप में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि “वित्तीय जागरूकता ही आर्थिक सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। निवेश हमेशा सोच-समझकर और केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय माध्यमों से ही करना चाहिए।” उन्होंने निवेश धोखाधड़ी से बचाव, निवेशकों के अधिकारों और सुरक्षित निवेश के सिद्धांतों पर विस्तार से जानकारी दी। इसके पश्चात एवोक इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रवीण कुमार द्विवेदी ने प्रशिक्षण सत्र का संचालन करते हुए किसानों को म्यूचुअल फंड, SIP, फसल आय के प्रभावी वित्तीय प्रबंधन, परिवार की वित्तीय सुरक्षा, डिजिटल वित्तीय जागरूकता तथा वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया।
कार्यक्रम की गरिमामयी उपस्थिति में कपिल सिंह, जिलाधिकारी, कानपुर देहात तथा विधान जायसवाल मुख्य विकास अधिकारी, कानपुर देहात भी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाएँ साझा कीं, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समाधान किया गया। अंत में उप निदेशक कृषि ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
यह कार्यशाला किसानों को “जागरूक किसान – सुरक्षित निवेश – समृद्ध भविष्य” के संदेश के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।









