बिना पंजीकरण संचालित अस्पतालों, नर्सिंग होम एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों पर होगी कड़ी कार्रवाई – जिलाधिकारी

 

जांच, सत्यापन और वैधानिक कार्रवाई के लिए जनपद स्तरीय एवं तहसील स्तरीय संयुक्त टीमें गठित, सात दिनों में मांगी गई रिपोर्ट

जालौन में बिना पंजीकरण संचालित नर्सिंग होम, चिकित्सालय, अल्ट्रासाउंड केंद्र, पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों सहित अन्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सख्त रुख अपनाते हुए जनपद स्तरीय एवं तहसील स्तरीय संयुक्त जांच टीमों का गठन किया है। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन टीमों द्वारा विशेष अभियान चलाकर स्वास्थ्य संस्थानों का सघन निरीक्षण, सत्यापन एवं मानकों की जांच की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में संचालित सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों की वैधानिक स्थिति, पंजीकरण, आवश्यक अनुमतियों तथा निर्धारित मानकों के अनुपालन की गहन जांच की जाए। अभियान के दौरान यदि कोई नर्सिंग होम, अस्पताल, अल्ट्रासाउंड केंद्र, पैथोलॉजी अथवा अन्य स्वास्थ्य संस्था बिना वैध पंजीकरण अथवा नियमों के विपरीत संचालित पाई जाती है तो उसके विरुद्ध तत्काल सीलिंग, अभियोजन तथा अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), मुख्य चिकित्साधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक की संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जबकि नगर क्षेत्र उरई एवं सभी तहसीलों में उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस तथा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को शामिल करते हुए संयुक्त जांच टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्राधिकार में अभियान चलाकर निजी स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण करेंगी। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है कि प्रत्येक टीम के साथ एक-एक अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को नामित किया जाए तथा निरीक्षण के उपरांत प्राप्त जांच आख्या को संकलित कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अवैध रूप से संचालित संस्थानों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और आमजन के जीवन एवं स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने सभी गठित समितियों को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान की गई कार्रवाई, सील किए गए संस्थानों का विवरण, उत्तरदायित्व निर्धारण तथा अन्य संबंधित बिंदुओं सहित संयुक्त जांच आख्या सात दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं वैधानिकता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें