कालपी जालौन 81 दिवसीय गविष्ट यात्रा पर निकले अवि मुक्तेश्वरा नंद सरस्वती ने शनिवार की रात आलमपुर स्थित बनखंडी मंदिर देवी प्रांगण में ठहराव किया इस दौरान नगर के लोगों ने चरण बंधन कर स्वयं तथा खुशहाली हेतु आशीर्वाद प्राप्त किया।
सोमवार को सुबह मंदिर प्रांगढ में आयोजित प्रेस वार्ता में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक सवाल का जवाब में कहा कि जो गौसेवा करें उसको मत दीजिये फिर चाहे वो किसी दल का हो यदि ये भी गौ सेवा नही करेगें तो उन्होनें भीड की। ओर इशारा करते हुये कहा कि फिर इनमें से किसी को चुनेगें वही उन्होनें कालनेमी प्रकरण को लेकर कहा कि कालनेमि शब्द का प्रयोग हमने नही किया लेकिन उन्होनें अपने प्रवचन में किया था गाय को मवेशी की सूची मे रखा गया है जबकि गाय को माता घोषित किया जाना चाहिये भारत सबसे बडा बीफ निर्यात करता है बीफ निर्यात का भारत सबसे बडा व्यापारी है और उसमें उत्तर प्रदेश की। हिस्सेदारी आधे की। है उन्होने सरकार पर प्रश्नचिंह लगाते हुये कहा कि इतना बडा मांस व गौ मांस आपके यहां से निर्यात हो रहा है तो फिर आप कैसे हिंदू हो वही गाय को मात कह रहे हो उन्होनें बताया कि राज्य सूची में पशु के रूप में गाय दर्ज है गधे खच्चर सूअर के साथ गाय का नाम लिखा हुआ है जबकि हमारी संस्कृति में तो गाय को माता माना गया है पशु न ही कहा गया इस पर उन्होनें कडी आपत्ती की इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि कालपी मे एक भव्य व दिव्य गौ धाम बनाया जाए जो दूध के लिये न हो उसमें गौ माता जैसे चित्रो में हस्ट पुष्ट दिखती है वैसे ही सेवा की। जाए और वो रोम रोम से कालपी वासियों को आशीर्वाद दें इस मूल भावना से गौधाम बनें जिसके वजह से वह बार बार कालपी आ सके इसके लिये एक सूत्र निकाला है कालपी विधान सभा में एक नोट अभियान चला दो जिसमें एक नोट हर व्यक्ति निकाले चाहे वह छोटा हो या बडा हो जिसे से भव्य गौधाम बनाए मौके पर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मां वनखंडी देवी के महंत जमुना दास ने चुनरी ओढाकर सम्मानित किया इस मौके पर दीपक धवन अमर सिंह चंदेल आलोक मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।
पत्रकार सतीश द्विवेदी कालपी









