रसूलाबाद कानपुर देहात। गांवों में नाली, खड़ंजा और इंटरलॉकिंग निर्माण के लिए सरकार भले ही लाखों रुपये का बजट आवंटित कर ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलने का दावा कर रही हो, लेकिन विकास खंड रसूलाबाद की ग्राम पंचायत मौजमपुर के मजरा सुंदरपुर की स्थिति आज भी बदहाल बनी हुई है। यहां न तो समुचित नाली निर्माण कराया गया और न ही गलियों की हालत सुधर सकी। जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यापक अभियान चलाया गया, मगर उसका असर सुंदरपुर गांव में दिखाई नहीं दे रहा है। गांव के लोग आज भी गंदगी और कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों रामकृपाल, अखिलेश, गिरजावती, तिलक सिंह और मूलचंद्र ने बताया कि गांव में सड़क तो बनाई गई थी, लेकिन रखरखाव के अभाव में वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान भारी लापरवाही बरती गई और नाली निर्माण नहीं कराया गया। इसके चलते सीवर टैंकों और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। वहीं पुरानी नालियां भी टूट चुकी हैं, जिनके निर्माण की मांग ग्रामीण लगातार करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव में जगह-जगह जलभराव और कीचड़ होने से लोगों का निकलना दूभर हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से समस्या के समाधान की गुहार लगाई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि सुंदरपुर विशेष रूप से एक जाति विशेष की आबादी वाला गांव है, जिसके कारण उनकी उपेक्षा की जा रही है।
गांव की सड़कों पर भरे गंदे पानी से जहां आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं जलभराव के कारण सड़ांध फैलने लगी है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द नाली निर्माण, सड़क मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।













