उरई नगर मजिस्ट्रेट/प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि निदेशालय महिला कल्याण उ०प्र० लखनऊ के पत्र दिनांक 22.05.2026 का सन्दर्भ ग्रहण करें, जिसके द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा सभी शासकीय, अर्दशासकीय, गैर शासकीय कार्यालयों, निगमों, संस्थाओं, निकायों, बोडों, परिषदों, उपक्रमों एवं निजी प्रतिष्ठानों में आन्तरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य किया गया है। साथ ही शी-बॉक्स पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर समिति का विवरण दर्ज करना भी आवश्यक होगा।लिंक कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 की धारा 4 के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। शासन द्वारा संचालित शी-बॉक्स पोर्टल (शी-बॉक्स पोर्टल https://shebox.wcd.gov.in) पर सभी निजी कंपनियों, फर्म एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के मुख्यालयों का ऑनलाइन पंजीकरण स्वयं संस्थान द्वारा किया जाना है। साथ ही गठित आन्तरिक शिकायत समिति के पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यों का पूरा विवरण भी पोर्टल पर अपलोड करना होगा। जिला प्रशासन ने जनपद में संचालित सभी निजी एवं प्राइवेट कम्पनियों फर्म एवं संस्थानों से दो दिन के भीतर शी-बॉक्स पोर्टल पर पंजीकरण कर जिलाधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को अवगत कराने के निर्देश दिये हैं।निर्देशों के मुताबिक जिन कार्यालयों या प्रतिष्ठानों में 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहाँ नियोजक द्वारा आन्तरिक शिकायत समिति गठित करना अनिवार्य है। जिसमें समिति का गठन किसी वरिष्ठ महिला कर्मचारी की अध्यक्षता में किया जायेगा, तथा इसमें दो सदस्य सम्बन्धित कार्यालय से एवं एक सदस्य किसी गैर सरकारी संगठन से नामित किया जायेगा। समिति के कुल सदस्यों में कम से कम आधी महिलायें होना जरूरी है। समिति गठित नहीं की तो लगेगा 50 हजार का दण्ड यदि कोई नियोजक नियमानुसार समिति का गठन नहीं करता है तो उसके संस्था में विरुद्ध कार्यवाही करते हुए 50 हजार रुपये तक का आर्थिक दण्ड लगाया जा सकता है। वहीं दूसरी बार दोषी पाये जाने पर दण्ड की राशि दोगुनी किये जाने का भी प्रावधान है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समिति गठन न होने की स्थिति में लगने वाले आर्थिक दण्ड के लिये सम्बन्धित नियोजक स्वयं जिम्मेदार होंगे।








