कानपुर। शहर के हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र स्थित दानाखोरी इलाके में फ्लैट कब्जे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। व्यापारी अरविन्द कुमार गुप्ता ने बिल्डर एग्रीमेंट के तहत अपने हिस्से के फ्लैट पर जबरन कब्जा करने, अभद्रता, जान से मारने की धमकी देने और पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित व्यापारी ने मामले में उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, अरविन्द कुमार गुप्ता की पत्नी नेहा गुप्ता का अमित भाटिया और उनकी पत्नी रीतू भाटिया के साथ भवन संख्या 69/134ए, दानाखोरी, कानपुर नगर स्थित 41.92 वर्गमीटर भूखंड पर बहुमंजिला निर्माण को लेकर 22 सितंबर 2023 को पंजीकृत बिल्डर एग्रीमेंट हुआ था। यह एग्रीमेंट उपनिबंधक कार्यालय जोन-2 कानपुर नगर में विधिवत दर्ज है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि निर्माण के बाद दोनों पक्ष अपने-अपने हिस्से पर कब्जेदार और उपयोगकर्ता के रूप में रह रहे थे।
अरविन्द कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि अमित भाटिया पक्ष ने तथ्यों को छिपाकर सिविल न्यायालय में वाद संख्या 777/2026 दाखिल किया और एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा आदेश प्राप्त कर लिया। हालांकि बाद में अदालत के समक्ष बिल्डर एग्रीमेंट और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने पर न्यायालय ने 18 मई 2026 को उक्त अंतरिम आदेश निरस्त कर दिया।
व्यापारी का आरोप है कि आदेश निरस्त होने के अगले ही दिन 19 मई की शाम अमित भाटिया, उनकी पत्नी और 8 से 10 अज्ञात लोग फ्लैट पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जबरन परिसर खाली कराने का प्रयास किया। विरोध करने पर कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई तथा परिवार को जबरन बाहर निकालने की कोशिश की गई। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद हरबंश मोहाल पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। उल्टा परिवार पर दबाव बनाया गया और फ्लैट के बाहर होमगार्ड तैनात कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई। आरोप है कि फ्लैट की बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी बाधित कर दी गई हैं, जिससे परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर है।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी पक्ष खुलेआम पुलिस और चौकी पर प्रभाव होने की बात कह रहा है। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा फ्लैट में आने-जाने और मूलभूत सुविधाओं को बहाल कराने की मांग की है।













