एसडीएम, सीओ, पालिकाध्यक्ष ने साइबर क्राइम को लेकर सतर्कता के बताये उपाय
कालपी (जालौन) साइबर अपराधों को नियंत्रण करने तथा अपराधियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से सीओ अवधेश कुमार सिंह व पालिकाध्यक्ष अरविंद यादव की मौजूदगी व उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह के अध्यक्षता में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ। इस मौके पर नागरिकों को साइबर अपराधों के बारे तमाम प्रकार की जानकारियां देकर जागरूक किया गया। बुधवार को नगर पालिका कालपी सभागार में आयोजित गोष्ठी में साइबर अपराध,धोखाधड़ी को रोकने के लिए उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी अवधेश कुमार सिंह, पालिका अध्यक्ष अरविंद यादव, अधिशासी अधिकारी अवनीश कुमार शुक्लाके साथ उनकी टीम ने उपस्थित नागरिकों को साइबर क्राइम से बचने के लिए अनेक प्रकार के उपाय बताए। कोतवाली कालपी के साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर विशाल भड़ाना ने बताया कि फोन कॉल/एस एम एस या अन्य किसी माध्यम से ओटीपी, यूपीआई, एम पिन, ए टी एम पिन किसी के साथ शेयर न करे। केवाईसी के एस एम एस पर ध्यान न दें। तथा न ही एस एम एस में दिए लिंक को क्लिक करें। किसी के भी कहने पर रिमोट एक्सेस ऐप जैसे क्वीक सपोर्ट, एनी डेस्क, टीम वीबर, एंड्रॉयड आदि न तो अंजाने क्लिक के माध्यम से डाउनलोड करें। पिन व आईडी किसी को शेयर करें। फोन या किसी अन्य मान्यता प्राप्त एसएमएस को अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बताए गए नंबर पर फॉरवर्ड करें। ए टी एम मशीन से कैश निकासी जमा करते समय किसी की सहायता न लें। साथ ही अपने कार्ड के पीछे वाली सफेद पट्टी पर अपना नाम अवश्य लिखें, ताकि कार्ड बदलने पर तुरंत पहचान कर सकें। बिना गार्ड वाले एटीएम से पैसा निकालने से बचें। पिन छुपा कर डालें। एटीएम कार्ड पर पिन को हमेशा समय-समय पर चेंज करते रहें। रुपए प्राप्त करने हेतु किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करना होता है और ना ही पे के बटन को दबाए। गूगल पर सर्च किये गए कस्टमर केयर का इस्तेमाल न करें धोखा हो सकता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, ईमेल आदि सोशल अकाउंट पर पासवर्ड समय-समय पर चेंज करते रहना चाहिए। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, ईमेल, व्हाट्सएप, जियो चैट, टेलीग्राम आदि किसी भी सोशल साइट ऐप के माध्यम से की गई चैट, धन की मांग पर भरोसा ना करें फोन करके या मिलकर कंफर्म अवश्य करें। यदि कोई आपको पुलिस, बैंक, आरबीआई, सीबीआई के नाम से कॉल करे और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाएं पैसों की मांग करें तो उन्हें अपनी निजी जानकारी ना बताएं। क्योंकि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कार्रवाई ही नहीं होती तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराए। साइबर क्राइम का शिकार होने पर तत्काल सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर जानकारी दे। सभी लोगों को इसके उपयोग के बारे में जानकारी दी इस कार्यक्रम में सभासद साथी,अधिशासी अधिकारी, राजस्व निरीक्षक अजीत कुमार सिंह,अवर अभियंता प्रवीण कुमार मौर्या, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, गणमान्यजन उपस्थित रहे।













