स्कूलों में गुटखा-सिगरेट पीने वाले शिक्षकों और स्टाफ पर गिरेगी गाज: बीएसए का सख्त आदेश, 90 दिनों में तंबाकू मुक्त होंगे सभी परिसर

कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश सरकार के तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान अभियान के तहत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त स्कूलों को आगामी 90 दिनों के भीतर पूरी तरह से तंबाकू मुक्त करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया गया है। इस आदेश के तहत स्कूलों में तंबाकू, गुटखा या सिगरेट का सेवन करने वाले शिक्षकों, शिक्षिकाओं, कार्यालय स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय और दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही अब किसी भी नए स्कूल को मान्यता या संबद्धता देने से पहले तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के सभी नियमों का स्व-मूल्यांकन प्रमाणपत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए हर स्कूल के मुख्य गेट पर साफ अक्षरों में तंबाकू प्रतिबंधित क्षेत्र है, यहां तंबाकू का सेवन करना एक दंडनीय अपराध है का चेतावनी स्लोगन लिखवाया जाएगा। साथ ही स्कूलों के मुख्य द्वार और प्रमुख स्थानों पर 18×28 इंच की वॉल पेंटिंग या साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। बच्चों को इस सामाजिक बुराई से दूर रखने के लिए कक्षाओं और प्रार्थना सभाओं में तंबाकू के दुष्प्रभावों पर चर्चा की जाएगी, पोस्टर-बैनर लगाए जाएंगे और उन्हें तंबाकू विरोधी शपथ दिलाई जाएगी। इस पूरे महाअभियान की कड़ाई से मॉनिटरिंग के लिए अमरौधा के खंड शिक्षा अधिकारी ईश्वर कान्त मिश्रा को नोडल अधिकारी नामित किया गया है जो सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे। 90 दिनों के भीतर की गई इस पूरी कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर देहात को भी भेजी जाएगी और नियमों में लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय होगी।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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