जिला निर्वाचन अधिकारी कपिल सिंह ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं ईआरओ के साथ की बैठक, निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
कानपुर देहात। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2027 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम एवं मतदेय स्थलों के संभाजन के संबंध में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) के साथ मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार कलेक्ट्रेट में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन, आवश्यकतानुसार उनके पुनर्निर्धारण तथा नए मतदेय स्थल स्थापित करने के लिए भवनों के चिह्नांकन एवं प्रस्ताव तैयार करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन करते हुए आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाए। उन्होंने मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्धारित समयावधि में अपने सुझाव एवं आपत्तियां उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि मतदेय स्थलों के संभाजन एवं पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूर्ण किया जा सके।
बैठक में मतदेय स्थलों के संभाजन से संबंधित निर्धारित समय-सारिणी की जानकारी देते हुए बताया गया कि 16 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2026 तक मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण, नए मतदेय स्थल स्थापित करने के लिए भवनों का चिह्नांकन तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रस्ताव तैयार किए जाने हैं। इसके बाद 19 अक्टूबर 2026 को मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन किया जाएगा तथा उक्त सूची मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे अपने सुझाव एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकें।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 26 अक्टूबर 2026 तक वर्तमान सांसदों, विधायकों एवं मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों का निस्तारण करने के उपरांत मतदेय स्थलों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी आवश्यक संलग्नकों सहित मतदेय स्थलों का प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को आयोग के अनुमोदनार्थ भेजने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सारिणी के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत 02 नवंबर 2026 तक मतदेय स्थलों के युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। इसके उपरांत 12 नवंबर 2026 को एकीकृत प्रारूप निर्वाचक नामावलियों का प्रकाशन किया जाएगा। प्रकाशित प्रारूप निर्वाचक नामावलियों के संबंध में 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा तथा निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 04 जनवरी 2027 को निर्धारित है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम सम्मिलित कराने, नाम एवं अन्य विवरणों में आवश्यक संशोधन कराने तथा मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से 17 अक्टूबर एवं 24 अक्टूबर 2026 को विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इन कैंपों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को इसका लाभ मिल सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, शुद्धता एवं समयबद्धता बनाए रखने तथा मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिग्विजय सिंह, मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों में कांग्रेस पार्टी से गोविंद यादव, भारतीय जनता पार्टी से श्यामू शुक्ला, बहुजन समाज पार्टी से ज्ञान चंद्र संखवार, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से राम अवतार भारती, आम आदमी पार्टी से भगवान सिंह यादव तथा समाजवादी पार्टी से शेखू खान सहित सभी ईआरओ, निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे













