कानपुर देहात। राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को आयोजित मेले में दोपहर तक न तो कोई मेडिकल ऑफिसर पहुंचा और न ही कोई विशेषज्ञ डॉक्टर, जिससे ओपीडी का संचालन आयुष चिकित्सक और ट्रेनी एमबीबीएस डॉक्टर के भरोसे रहा।
मरीजों का कहना था कि गंभीर और पुरानी बीमारियों के संबंध में उन्हें विशेषज्ञ परामर्श नहीं मिल सका। अपराह्न तीन बजे तक करीब 32 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें बुखार, फंगल संक्रमण, पेट दर्द और शुगर जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज शामिल रहे।
मेले में ट्रेनी एमबीबीएस डॉक्टर डॉ. मनोज सरोफ, आयुष चिकित्सक डॉ. शिव विनायक (एस.वी.) श्रीपाठी तथा वार्ड बॉय राम सिंह ने मरीजों की जांच कर दवाइयां वितरित कीं। वहीं फार्मासिस्ट के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और पर्यवेक्षक द्वारा निरीक्षण न किए जाने की भी बात सामने आई।
पीएचसी प्रभारी डॉ. सलिल सचान ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति में आयुष चिकित्सक और ट्रेनी डॉक्टर ने मरीजों का उपचार किया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के नहीं आने से मरीजों की संख्या भी प्रभावित हुई।
इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं की अनुपस्थिति के कारण किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी व टीकाकरण के प्रति जागरूक करने का कार्य भी प्रभावित हुआ। हेल्थ विजिटर कमलेश पाल ने टीकाकरण संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी संभाली।










