उत्तर प्रदेश (औरैया)। जनपद के कस्बा एरवा कटरा से इस वक्त की बेहद हैरान और प्रशासन को कटघरे में खड़ा करने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। जल निगम द्वारा सड़क के किनारे खोदकर छोड़े गए जानलेवा गड्ढों के कारण आज एरवा कटरा में एक बहुत बड़ा और भयानक हादसा होते-होते बचा है। जल निगम और ठेकेदार की इस लापरवाही ने आज दर्जनों बेकसूर मुसाफिरों की जिंदगी को दांव पर लगा दिया था।
जानकारी के मुताबिक, कानपुर से चलकर बिधूना होते हुए देश की राजधानी दिल्ली की तरफ जा रही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) की एक बस सवारियों से पूरी तरह भरी हुई थी। जैसे ही बस एरवा कटरा क्षेत्र में पहुँची, सामने से आ रहे अन्य वाहनों को साइड देने के लिए ड्राइवर ने बस को सड़क के बाएँ किनारे किया। किनारे करते ही बस का अगला पहिया जल निगम द्वारा खोदकर छोड़े गए गहरे गड्ढे में धंस गया।
पहिया धंसते ही तेज रफ्तार बस एक तरफ बुरी तरह झुक गई। गनीमत रही कि बस पूरी तरह पलटी नहीं, अन्यथा आज कई परिवारों के चिराग बुझ जाते। अचानक लगे इस जबरदस्त झटके की वजह से बस के अंदर बैठी सवारियों में चीख-पुकार मच गई। सीटों से टकराने के कारण कई महिलाओं और बच्चों सहित अनेक यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं।
हादसा होते ही घटना स्थल पर भारी चीख-पुकार सुनकर आस-पास के ग्रामीण और राहगीर तत्काल मौके पर दौड़े। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और बस के आपातकालीन द्वार व खिड़कियों से सहमे हुए यात्रियों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस द्वारा नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एरवा कटरा भिजवाया, जहाँ उनका इलाज जारी है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे शर्मनाक पहलू ठेकेदार का रहा। हादसे के बाद पीड़ितों की सुध लेने और राहत कार्य में मदद करने के बजाय, ठेकेदार ने अपनी गर्दन फंसती देख आनन-फानन में लेबर और मिट्टी भेजकर उस जानलेवा गड्ढे को ऊपर-ऊपर से भरवा दिया, ताकि प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। ठेकेदार की इस चालाकी को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
‘जनसंदेश 24’ का तीखा सवाल – क्या प्रशासन को किसी मौत का इंतजार है?
आपको बता दें कि इस बड़े खतरे को लेकर जनसंदेश 24 की टीम (संवाददाता गौरव कुमार पोरवाल) ने पूर्व में भी प्रमुखता से खबर दिखाकर स्थानीय प्रशासन और जल निगम को एरवा कटरा के इन जानलेवा गड्ढों के प्रति सचेत किया था। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी दफ्तरों के बंद कमरों में गहरी नींद सोते रहे, जिसका नतीजा आज इस हादसे के रूप में सामने आया।
आज ‘जनसंदेश 24’ सीधे तौर पर औरैया जिला प्रशासन और जल निगम के आला अधिकारियों से सवाल करता है:
क्या विभाग एरवा कटरा में किसी बड़ी जनहानि या किसी मासूम की मौत का इंतजार कर रहा था?
जनता और मुसाफिरों की जान से खिलवाड़ करने वाले इस तानाशाह और लापरवाह ठेकेदार पर FIR कब होगी?
कस्बे में खोदे गए अन्य गड्ढों को सुरक्षित करने के लिए प्रशासन कब ठोस कदम उठाएगा?
- ब्यूरो रिपोर्ट: गौरव कुमार पोरवाल एरवा कटरा (औरैया)













