कानपुर देहात। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे बाल बचाव एवं पुनर्वास, किशोर श्रम उन्मूलन, बाल भिक्षावृत्ति और बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत कानपुर देहात पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 13 नाबालिग बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराया।
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में 24 जून 2026 को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) टीम, श्रम विभाग एवं बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों, चौराहों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
अभियान के तहत कुल 26 प्रतिष्ठानों की जांच की गई तथा 10 निरीक्षण टिप्पणियां दर्ज की गईं। जांच के दौरान 13 नाबालिग बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराकर उनका रेस्क्यू किया गया। बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक काउंसलिंग भी की गई।
संयुक्त टीम ने प्रतिष्ठान संचालकों और आम नागरिकों को बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति एवं बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम कराना कानूनन अपराध है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1098, 112, 181, 1076, 1090 और 108 की जानकारी भी दी गई।
कानपुर देहात पुलिस ने अपील की है कि बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति या बाल विवाह जैसी किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस इकाई को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।













