जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न, लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण एवं साक्ष्य प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के दिए निर्देश

 

 

कानपुर देहात। जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष, कलेक्ट्रेट, कानपुर देहात में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार एवं मुख्य चिकित्साधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों, व शासकीय अधिवक्ताओं की उपस्थिति में अभियोजन कार्यों की प्रगति, न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण, साक्ष्य प्रक्रिया एवं सम्मन तामिला की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार साक्ष्य हेतु नियत वादों की संख्या 2240, साक्षियों को निर्गत सम्मनों की संख्या 1246, तामिल होकर वापस प्राप्त सम्मनों की संख्या 733 तथा निर्गत वारंट की संख्या 31 पाई गई। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि साक्ष्य हेतु नियत वादों एवं साक्षियों को निर्गत सम्मनों के मध्य अंतर को कम किया जाए तथा साक्ष्य प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि निर्गत वारंटों की शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित की जाए तथा सम्मन नियमित एवं निर्धारित समय पर भेजे एवं तामिल कराए जाएं। यदि सम्मन विभागीय अधिकारी अथवा कर्मचारी से संबंधित हो तो संबंधित विभाग पूर्व से सत्यापन कर लें कि जिस अधिकारी अथवा कर्मचारी को सम्मन भेजा जा रहा है वह वर्तमान में संबंधित कार्यालय में कार्यरत है अथवा नहीं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि साक्षियों के वर्तमान तैनाती स्थल की सूचना समय से उपलब्ध कराई जाए, जिससे सम्मन तामिला की प्रक्रिया में विलम्ब न हो। साथ ही निर्देश दिए कि जिन अधिकारी अथवा कर्मचारियों को साक्ष्य हेतु बुलाया जाए उन्हें आवश्यकतानुसार ऑनलाइन माध्यम से साक्ष्य उपलब्ध कराने की सुविधा भी प्रदान की जाए ताकि न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुगम एवं समयबद्ध हो सके। बैठक में जिलाधिकारी ने 10 वर्ष से अधिक पुराने वादों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनकी प्रभावी पैरवी करते हुए शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा सभी विभाग इसमें गंभीरता से कार्य करें। जिलाधिकारी ने कहा कि न्यायालयों में प्रस्तुत किए जाने वाले अभिलेख पूर्ण, अद्यतन एवं समय से उपलब्ध कराए जाएं तथा विभागीय समन्वय स्थापित कर अभियोजन कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी, अभियोजन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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