कानपुर देहात पीएसपी-डीजीसी सदस्यों के रूप में आशा, आंगनवाड़ी, प्रधान सुधा , कोटेदार पप्पू , CHO, संगिनी, 24 फाइलेरिया मरीज, वालिंटियर एवं समुदाय के लोग सहित 36 लोग उपस्थित रहे।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर कैलई में जिलासमन्वयक प्रेम सिंह कटियार जी की उपस्थित में CHO संध्या के द्वारा PSP एवं DCG सदस्यों को फाइलेरिया, पोषण, टीबी एवं अन्य संचारी रोगों तथा रिवाइज्ड गाइडलाइन पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान रोगों के लक्षण, बचाव एवं प्रबंधन जैसे व्यक्तिगत स्वच्छता, मास्क का उपयोग, हवादार वातावरण, संतुलित आहार एवं समय पर जांच/उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। टीबी- क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु के कारण होती है और मुख्यतः हवा के माध्यम से फैलती है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने पर इसके जीवाणु अन्य लोगों तक पहुंचते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना एवं कमजोरी शामिल हैं। बचाव हेतु खांसते/छींकते समय मुंह ढकना, मास्क का उपयोग, भीड़भाड़ से बचना एवं घर को हवादार रखना आवश्यक है। समय पर जांच एवं कम से कम 6 माह तक पूरा इलाज करना अनिवार्य है, क्योंकि अधूरा इलाज दवा-प्रतिरोधी टीबी को जन्म दे सकता है। साथ ही बच्चों में बीसीजी टीकाकरण, पौष्टिक आहार एवं स्वच्छता के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया तथा टीबी से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, गांव स्तर पर जागरूकता गतिविधियों के संचालन हेतु कार्य योजना पर चर्चा की गई। श्री कटियार जी द्वारा 3rd ग्रेड फाइलेरिया मरीजों के UDID कार्ड से वंचित लाभार्थियों की पहचान कर उनका ऑनलाइन पंजीकरण करवाने के लिए किसी भी जन सेवा केंद्र से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ सीएमओ ऑफिस में प्रत्येक सोमवार बृहस्पतिवार को लगने वाले कैंप में जाकर UDID कार्ड बनवाने लिए आग्रह किया पीएसपी सदस्यों में मरीजों के UDID कार्ड बनवाने हेतु अपना सहयोग देने की बात कही। MMDP सेल्फ केयर के अंतर्गत व्यायाम, पैर की स्वच्छता एवं देखभाल का फॉलो-अप लिया।
CHO संध्या द्वारा फ्लिप बुक के माध्यम से सभी PSP सदस्यों को MMDP के अंतर्गत सेल्फ केयर व्यायाम, पैर की सही तरीके से धुलाई एवं स्वच्छता बनाए रखने के बारे में डेमो सहित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे फाइलेरिया मरीजों में जटिलताओं की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।
पीएसपी एवं डीजीसी सदस्यों से टीबी, फाइलेरिया एवं अन्य संचारी रोगों के बचाव एवं प्रबंधन हेतु प्रभावी जागरूकता गतिविधियों के संचालन के लिए समन्वय एवं सहयोग सुनिश्चित करने की अपील की गई।
सी.एच.ओ. द्वारा पीएसपी सदस्य स्वमं समूह की महिलाओं एवं आशा के सहयोग से स्कूल एवं समुदाय स्तर पर टीबी एवं मच्छर जनित बीमारियों से बचाव हेतु व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी घर घर जागरूक संपर्क गतिविधि की जाएगी। साथ ही सभी फाइलेरिया मरीजों को MMDP सेल्फ केयर के अंतर्गत नियमित व्यायाम, पैर की स्वच्छता एवं देखभाल के संबंध में बताये जाने हेतु अपील की, जिससे रोग प्रबंधन एवं जटिलताओं की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।
CHO के द्वारा निश्चय दिवस के अवसर पर टीबी स्क्रीनिंग, फाइलेरिया मरीजों के नियमित फॉलो-अप, लिया गया। श्रीमती सुधा जी द्वारा मच्छर जनित बीमारियों से बचाव, साफ सफाई, मच्छरदानी के प्रयोग एवं कल्याणकारी योजनाओं से लाभ मिलने के बारे में चर्चा की। समुदाय स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित करने तथा विद्यालय स्तर पर रैली आयोजित कराने के लिए चर्चा की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा सभी सदस्यों को मच्छर जनित बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिए समुदाय में जल भराव के स्रोत को रोकने, फ्रिज, कूलर, टंकी, गमले, टायर,मटकों में भरने वाले पानी को नियमित रूप से बदलने, खाली करने, अपने घर के आस-पास साफ सफाई, झाड़ियों की कटाई, फुल आस्तीन के कपड़े पहनने, रात को सोते समय मच्छर दानी के प्रयोग करने के लिए बताया गया। समुदाय स्तर पर जागरूक करने के लिए कहा जिससे मच्छर जनित बीमारियों को रोक जा सके।
CHO संध्या द्वारा वीडियो लिंक लैपटॉप, फ्लिप बुक एवं IEC सामग्री के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया, जिससे समुदाय स्तर पर जागरूकता को अधिक सुदृढ़ किया जा सके। फाइलेरिया मरीजों को MMDP प्रशिक्षण, व्यायाम, पैर धुलाई के डेमो करने के साथ 22 फाइलेरिया मरीजों को MMDP किट डिस्ट्रीब्यूट की गई।








