कानपुर देहात। किसानों की आय में वृद्धि तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से उप कृषि निदेशक, कानपुर देहात हरिशंकर भार्गव द्वारा विकास खंड मलासा के ग्राम केलेई, किशोरपुर सहित अन्य निकटवर्ती ग्रामों में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लगाए गए फसल प्रदर्शनों का आकस्मिक एवं सघन स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान उप कृषि निदेशक ने विभागीय योजनाओं के तहत कृषकों को उपलब्ध कराए गए निःशुल्क बीज मिनीकिट एवं उन्नत बीजों से उगाई जा रही धान एवं अन्य खरीफ फसलों की वानस्पतिक वृद्धि तथा फसल के स्वास्थ्य का खेतों में पहुंचकर अवलोकन किया। खेतों में लहलहाती फसलों को देखकर उन्होंने किसानों के परिश्रम की सराहना की तथा वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित उन्नत कृषि तकनीकों एवं सस्य क्रियाओं को अपनाने की अपील की।
उन्होंने किसानों से संवाद स्थापित करते हुए वर्तमान मौसम में फसलों को प्रभावित करने वाले कीट एवं रोगों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। हरिशंकर भार्गव ने बताया कि धान की फसल में तना छेदक, पत्ती लपेटक, झुलसा एवं खैरा रोग के प्रकोप की संभावना बनी रहती है। ऐसे में किसानों को अपने खेतों की नियमित निगरानी करनी चाहिए तथा प्रारंभिक लक्षण दिखाई देने पर कृषि वैज्ञानिकों द्वारा संस्तुत रसायनों एवं जैविक कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करना चाहिए।
उप कृषि निदेशक ने रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित प्रयोग से बचने की सलाह देते हुए मृदा स्वास्थ्य कार्ड की संस्तुतियों के अनुरूप नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं जैविक खाद के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि संतुलित पोषण प्रबंधन से फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता भी संरक्षित रहती है।
किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने समय पर बीमा कराने तथा फसल क्षति की स्थिति में निर्धारित समयावधि के भीतर सूचना दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक ने क्षेत्रीय कृषि प्रसार कर्मियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से गांवों का भ्रमण कर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं तथा विभागीय अनुदान, कृषि यंत्रीकरण एवं डीबीटी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक शत-प्रतिशत पहुंचाना सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय कृषि प्रसार अधिकारी, प्राविधिक सहायक एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।












