कानपुर देहात। वर्ष 2005 में दर्ज आर्म्स एक्ट के एक मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए न्यायालय उठने तक की सजा और ₹1,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे 5 दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा।
18 दिसंबर 2005 को थाना रसूलाबाद पुलिस ने महेंद्र कुमार उर्फ जनरेटर निवासी कस्तूरीपुरवा, थाना रूरा के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद कर आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना पूरी कर 23 जनवरी 2006 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत थाना रसूलाबाद पुलिस, कोर्ट पैरवीकार, अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर, साथ ही आरोपी द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर, न्यायालय जेएम-प्रथम ने 31 जुलाई 2026 को उसे दोषी करार दिया।
अदालत ने आरोपी को न्यायालय उठने तक की सजा, ₹1,000 के अर्थदंड तथा जुर्माना न भरने की स्थिति में 5 दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई। पुलिस ने इसे कानून व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।












