संभावित बाढ़ एवं जलप्लावन की स्थिति से निपटने हेतु सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें, आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: जिलाधिकारी

कानपुर देहात में संभावित बाढ़ एवं जलप्लावन की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने तथा बाढ़ प्रबंधन योजना के अनुश्रवण एवं प्रभावी क्रियान्वयन के दृष्टिगत आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट  कपिल सिंह की अध्यक्षता में स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद सहित जनपद स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व तैयारियों, राहत एवं बचाव कार्यों, संवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी तथा विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत सभी विभाग निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप कार्य करते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार रहें तथा आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखें।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के बाढ़ एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों का नियमित भ्रमण एवं निरीक्षण किया जाए तथा जलप्लावन की स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने राहत शिविरों में पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, चिकित्सा सुविधाएं एवं आवश्यक खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा।
बैठक में बाढ़ नियंत्रण कक्ष के समुचित एवं चैबीसों घंटे संचालन, बाढ़ चैकियों को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाए रखने तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आपात सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि संभावित जलभराव एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति से संबंधित सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। जर्जर विद्युत तारों एवं विद्युत पोलों का समय रहते निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण किए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, जिससे जनहानि अथवा दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
जिलाधिकारी ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि संभावित आपदा की स्थिति में प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक निःशुल्क राशन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था को प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति शासन द्वारा अनुमन्य राहत एवं सहायता से वंचित न रहे, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक जीवनरक्षक औषधियों, चिकित्सकीय टीमों एवं एम्बुलेंस सेवाओं को सक्रिय रखने तथा पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारा एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों को जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा स्वच्छता संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संपादित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े समस्त प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा सभी विभाग आपसी समन्वय एवं सतर्कता के साथ कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करें। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएं, जिससे जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए तथा जनपद में बाढ़ एवं जलप्लावन प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में उप जिलाधिकारी भोगनीपुर देवेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी सिकन्दरा उषा सिंह, उप जिलाधिकारी मैथा प्रतिभा मिश्रा, उप जिलाधिकारी डेरापुर सुप्रिया गुप्ता सहित जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, एसीएमओ डा0 सुखलाल वर्मा, सिचाई विभाग के अधिकारीगण, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें