स्कूल वाहनों की सुरक्षा से समझौता नहीं, अनफिट वाहनों पर पहली बार ₹1 लाख व दूसरी बार 2 लाख जुर्माने की संस्तुति
जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में अनफिट वाहन अथवा अयोग्य चालक को विद्यालय परिवहन में अनुमति नहीं दी जाएगी। पूर्व बैठक के निर्देशों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिन विद्यालयों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन हो चुका है, उन्हें शासनादेश के अनुरूप प्रत्येक तीन माह में नियमित बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। जिन विद्यालयों द्वारा अभी तक समिति का गठन नहीं किया गया है, उन्हें 15 दिनों के भीतर समिति गठित कर उसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी 15 दिनों के भीतर पुनः समीक्षा बैठक आयोजित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग द्वारा नोटिस जारी किए गए 09 अनफिट विद्यालयी वाहनों की तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जनपद में यदि कोई अनफिट विद्यालयी वाहन पहली बार संचालित पाया जाता है तो उस पर एक लाख रुपये तथा दूसरी बार पकड़े जाने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि मॉडल कंडीशन से बाहर हो चुके वाहनों का स्थलीय सत्यापन कराकर उन्हें स्क्रैप कराया जाए। विद्यालय केवल उन्हीं वाहनों को अनुबंधित करें जो पूरी तरह फिट हों तथा जिनके चालक भी शारीरिक रूप से सक्षम एवं सभी मानकों पर खरे उतरते हों। वाहन चालकों के नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से कराए जाएं, उनके पुलिस सत्यापन एवं ड्राइविंग लाइसेंस का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए तथा सभी विद्यालयी वाहनों की फिटनेस की सघन जांच सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक विद्यालयी वाहन में सहायक (अटेंडेंट) की उपलब्धता भी अनिवार्य रखने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने अभिभावकों से भी अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को ऐसे वाहनों से विद्यालय न भेजें जो सुरक्षा मानकों के अनुरूप न हों। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक रविवार को कम से कम चार विद्यालयों में वाहन चालकों के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे चालक पूरी तरह स्वस्थ एवं सुरक्षित ढंग से बच्चों का परिवहन कर सकें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज, मा० जलशक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरिन्द्र चौहान, सांसद जालौन-गरौठा-भोगनीपुर के प्रतिनिधि राजीव शर्मा, विधायक कालपी के प्रतिनिधि धर्मेन्द्र सिंह, विधायक सदर के प्रतिनिधि रवीन्द्र प्रताप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सहित समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।













