कानपुर देहात। रविवार को एक शहरी एवं 29 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला आयोजित किया गया। मेले में 1853 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। उपचार पाने वालों में 889 पुरुष, 718 महिलाएं और 246 बच्चे शामिल रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अनुसार, मेले में 60 चिकित्सकों और 129 पैरामेडिकल कर्मियों ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। कोविड हेल्प डेस्क पर 678 लोगों की जांच की गई, जिनमें कोई भी संक्रमित नहीं मिला। वहीं 24 लाभार्थियों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए।
बुखार से पीड़ित 149 मरीजों में से 60 की मलेरिया और 13 की डेंगू जांच कराई गई, सभी रिपोर्ट निगेटिव रहीं। शिविर में 213 त्वचा रोग, 141 पेट संबंधी रोग, 87 सर्दी-जुकाम, 75 मधुमेह, 59 उच्च रक्तचाप और 53 एनीमिया के मरीजों का उपचार किया गया। 37 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई तथा कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं मिला। पांच संभावित क्षय रोगियों की पहचान कर 12 गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया।
मेले में 194 लोगों को तंबाकू छोड़ने की सलाह दी गई तथा 47 मरीजों की नेत्र जांच भी की गई। इस दौरान पीएचसी बरौर का निरीक्षण डॉ. विकास कुमार तथा पीएचसी अमरौधा एवं रूग्गांव का निरीक्षण डॉ. अरुणेंद्र प्रताप ने किया।
इसके अलावा 28 जून को 892 पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी कपिल सिंह ने मेडिकल कॉलेज में बच्चों को दो बूंद पोलियो की दवा पिलाकर किया। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन कर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।













