कानपुर। सिविल लाइन्स स्थित मस्जिद-ए-विक्टोरिया मिल में सोमवार को मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। मजलिस को उन्नाव से आए मौलाना रजा अब्बास साहब ने संबोधित करते हुए दीन-ए-इस्लाम की शिक्षाओं और उसके इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस्लाम को अपने शुरुआती दौर से ही अनेक चुनौतियों और विरोधी ताकतों का सामना करना पड़ा, लेकिन सत्य और न्याय की राह पर चलने वालों ने हमेशा इसकी मूल भावना को जीवित रखा।
मौलाना ने कर्बला के महान बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर मुकाबला किया तथा इंसाफ और सच्चाई का परचम बुलंद रखा। उन्होंने बताया कि एक ओर इमाम हुसैन (अ.स.) सत्य और मानवता के प्रतिनिधि थे, वहीं दूसरी ओर यज़ीद अत्याचार और असत्य का प्रतीक था।
मजलिस में हज़रत ज़ैनब (स.अ.) के त्याग और धैर्य का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया। उनके द्वारा अपने परिवार और बेटों की कुर्बानी के बाद भी सब्र और शुक्र का प्रदर्शन सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे और पूरे माहौल में गम और श्रद्धा की लहर दौड़ गई।
इस अवसर पर नवाब मोहम्मद अली, नवाब जीशान खान, नवाब अलीशान खान, नवाब जफर, आलिम सज्जाद, अफसर हुसैन, अमीर हुसैन, ताहा हुसैन, शाह आलम, दिलावर हुसैन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।













