कानपुर देहात – सदस्या, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग, लखनऊ, नीरज गौतम द्वारा आज माती मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों के कल्याणार्थ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शासन की मंशानुसार योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान सदस्या ने विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में उनके साथ पृथक बैठक शीघ्र आयोजित किए जाने एवं उन्हें प्राप्त होने वाले लाभों, सुविधाओं तथा सेवा संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि विभिन्न विभागों में की जाने वाली नियुक्तियों में शासन द्वारा निर्धारित आरक्षण व्यवस्था का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा चयन प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता एवं नियमों के अनुरूप संपादित किया जाए। बैठक में आवश्यक जनसुविधाओं की समीक्षा करते हुए मा0 सदस्या ने गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने, पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं हेतु हवा एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के भुगतान की प्रक्रिया नियमित एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने, मनरेगा के अंतर्गत नियमित कार्य उपलब्ध कराकर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष बल दिया। सदस्या ने तहसील स्तर पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार आवासीय एवं कृषि भूमि आवंटन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन पात्र व्यक्तियों के पास आजीविका संचालन हेतु भूमि उपलब्ध नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कृषि भूमि आवंटित की जाए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों को पूर्व में आवंटित किए गए पट्टों पर वास्तविक कब्जा सुनिश्चित कराया जाए तथा इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। पुलिस विभाग की समीक्षा करते हुए बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित कुल 76 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 47 प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई संचालित है, 04 मामलों में अंतिम रिपोर्ट (एफआर), 02 प्रकरण निरस्त किए गए हैं तथा 02 मामलों की विवेचना प्रचलित है। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि इस वित्तीय वर्ष में अब तक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने हेतु 63 प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए जा चुके हैं तथा अनुदान प्राप्त होते ही लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी।
चिकित्सा विभाग की समीक्षा के दौरान सदस्या ने आयुष्मान कार्ड योजना के अंतर्गत लाभान्वित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों की जानकारी प्राप्त की तथा पात्र व्यक्तियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वन विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने रोपित पौधों के संरक्षण एवं उनके जीवित रहने की दर बढ़ाने हेतु प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने पर बल दिया तथा कहा कि वृक्षारोपण कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण नहीं बल्कि उनका संरक्षण भी होना चाहिए। बैठक के अंत में सदस्या ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील रहें, नियमित रूप से दूरभाष प्राप्त करें तथा यदि किसी कारणवश कॉल प्राप्त न कर सकें तो उपलब्ध समय में पुनः संपर्क स्थापित कर जनसमस्याओं का समाधान नियमानुसार सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।













