जालौन। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ० गगन दीप सिंह ने बताया कि कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में जालौन में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपंजीकृत, अवैध एवं अनधिकृत रूप से आयातित कीटनाशक (साइक्लोसिनॉन) की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने हेतु कृषि रक्षा विभाग द्वारा विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
उक्त अभियान के अंतर्गत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर विक्रय किए जा रहे कीटनाशकों की सघन निगरानी एवं जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि कोई प्रतिष्ठान अपंजीकृत अथवा अवैध रूप से आयातित कीटनाशकों का विक्रय करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं नियमावली 1971 में दिए गए प्राविधानों के अंतर्गत कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
कृषि रक्षा विभाग द्वारा कृषकों से अपील की जाती है कि वे कीटनाशक रसायनों का क्रय केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही करें। कीटनाशक खरीदते समय उत्पाद की वैधता, पंजीकरण, निर्माता का विवरण, लेबल एवं अनुशंसित उपयोग संबंधी जानकारी की जांच अवश्य करें। बिना प्रमाणिकता वाले अथवा संदिग्ध कीटनाशक उत्पादों का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे फसल, मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
कृषकों से यह भी अनुरोध है कि यदि उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अथवा किसी अन्य माध्यम से अवैध, अपंजीकृत या संदिग्ध कीटनाशकों की बिक्री की जानकारी प्राप्त होती है, तो इसकी सूचना तत्काल जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जनपद जालौन के कार्यालय को दें, जिससे आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कृषि रक्षा विभाग द्वारा कृषकों के हितों की सुरक्षा, गुणवत्तायुक्त कृषि रक्षा रसायनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अवैध कीटनाशकों के विक्रय पर अंकुश लगाने हेतु निरंतर निगरानी एवं जन-जागरूकता की कार्रवाई की जा रही है।













