कानपुर देहात। यात्रियों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस एवं एआरटीओ प्रवर्तन की संयुक्त टीम ने स्लीपर बसों की सघन चेकिंग के लिए विशेष अभियान चलाया। यह अभियान इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों और उत्तर प्रदेश यातायात निदेशालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया। इस दौरान जिले में संचालित होने वाली और दूसरे जनपदों से आने वाली स्लीपर बसों की जांच की गई।
चेकिंग के दौरान बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का परीक्षण किया गया। इसमें अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी स्थिति, एडीएएस प्रणाली, चालक और परिचालक के लाइसेंस, ब्रीथ एनालाइजर से चालकों की जांच तथा आपातकालीन द्वार की उपलब्धता और कार्यशीलता को परखा गया। इसके अलावा बसों में संदिग्ध एवं ज्वलनशील वस्तुओं की भी जांच की गई।
टीम ने यात्रियों से आपातकालीन द्वार की जानकारी और किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में भी पूछताछ की। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस और एआरटीओ प्रवर्तन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए स्लीपर बसों और अन्य यात्री वाहनों की नियमित रूप से रात्रिकालीन चेकिंग की जाएगी और अभियान आगे भी जारी रहेगा।












