विधान परिषद निर्वाचन में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश, निर्वाचक की पहचान स्पष्ट होने पर त्रुटियों की अनदेखी का प्रावधान
जालौन। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी समीर ने विधान परिषद निर्वाचन के दृष्टिगत स्पष्ट किया है कि निर्वाचक नामावली में नाम की प्रविष्टि में सामान्य लेखन संबंधी अथवा मुद्रण संबंधी त्रुटि होने मात्र से किसी पात्र निर्वाचक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। इसके लिए पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने बताया कि पीठासीन अधिकारी की हस्तपुस्तिका के पृष्ठ संख्या 37 के बिंदु संख्या 35(4) में इस संबंध में स्पष्ट प्रावधान दिया गया है। इसके अनुसार, यदि मतदान के लिए उपस्थित व्यक्ति की पहचान को लेकर पीठासीन अधिकारी अथवा मतदान अधिकारी संतुष्ट है कि वह वही निर्वाचक है, जिसका नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज है, तो नाम की प्रविष्टि में हुई सामान्य लेखन अथवा मुद्रण संबंधी त्रुटियों की अनदेखी की जाएगी। ऐसी त्रुटियों को मतपत्र प्राप्त करने के अधिकार में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विधान परिषद निर्वाचन की प्रक्रिया के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं प्रासंगिक विधिक प्रावधानों का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप कार्यवाही पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि किसी भी पात्र निर्वाचक को केवल सामान्य लेखन या मुद्रण संबंधी त्रुटि के कारण उसके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न होना पड़े।












