उरई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जालौन में राष्ट्रीय एड्स नियन्त्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षण – सह – संवेदीकरण कार्यशाला दिनांक 29 सितम्बर 2026 में आयोजन के विषय में बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के निर्देशानुसार, उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (UPSACS) एवं पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PHFI) के संयुक्त सहयोग से राष्ट्रीय एड्स एवं एस०टी०डी० नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य अधिकारियों एवं चिकित्सा अधिकारियों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण-सह-संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय, उरई के सभागार में किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर डॉ. मनीष शर्मा, अमित जोशी कैपेसिटी बिल्डिंग एक्सपर्ट (PHFI), नीरज श्रीवास्तव – कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर (PHFI) तथा दिशा टीम से रितु पांडे CPM प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य -कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा अधिकारियों एवं संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को राष्ट्रीय एड्स एवं एस०टी०डी० नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के उद्देश्यों, रणनीतिक प्राथमिकताओं तथा जिला स्तर पर कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में अद्यतन जानकारी एवं व्यावहारिक समझ प्रदान करना रहा।
प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षण -प्रशिक्षण के दौरान HIV/AIDS की वर्तमान स्थिति, 95-95-99 लक्ष्य, जिला स्तर की HIV महामारी, NACP की संरचना, District AIDS Control Officers (DACO), District Integrated Strategy for HIV/AIDS (DISHA), Mobilisation for AIDS Suraksha (MAS), HIV एवं STI की स्क्रीनिंग, HIV परामर्श एवं परीक्षण सेवाएं, STI/सिफलिस प्रबंधन, Elimination of Vertical Transmission of HIV and Syphilis (EVTHS), ART, TB एवं HIV-TB सह-संक्रमण, वायरल लोड मॉनिटरिंग, U=U अवधारणा, High Risk Groups (HRGs), Targeted Interventions (TIs), Opioid Substitution Therapy (OST) तथा समुदाय आधारित HIV रोकथाम सेवाओं पर विस्तृत चर्चा की गई , इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को HIV & AIDS (Prevention and Control) Act, 2017 के प्रमुख कानूनी प्रावधानों, HIV से संबंधित भेदभाव की रोकथाम तथा अधिकार-आधारित दृष्टिकोण के बारे में भी जानकारी दी गई ,प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं सहभागी बनाने के लिए केस स्टडी, प्रस्तुतीकरण, समूह चर्चा एवं व्यावहारिक गतिविधियों का उपयोग किया गया, जिससे प्रतिभागियों को जिला स्तर पर HIV सेवाओं के प्रबंधन एवं समन्वय की बेहतर समझ विकसित करने में सहायता मिली।
प्रशिक्षण के प्रमुख परिणाम -कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों की NACP संबंधी जानकारी एवं व्यावहारिक क्षमता को मजबूत किया गया। विशेष रूप से प्रतिभागियों को HIV की रोकथाम, शीघ्र पहचान, जांच, उपचार, ART से जोड़ने, वायरल लोड मॉनिटरिंग, HIV-TB सेवाओं के एकीकरण तथा रेफरल एवं फॉलो-अप के संबंध में बेहतर समझ प्राप्त हुई , साथ ही, जिला स्वास्थ्य प्रणाली के विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर समन्वय एवं कन्वर्जेन्स स्थापित करने तथा HIV सेवाओं को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रभावी रूप से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया , कार्यशाला के अंत में पोस्ट-ट्रेनिंग असेसमेंट एवं प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यावहारिक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें जिला स्तर पर HIV कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी ,कार्यक्रम के माध्यम से चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को जिला स्तर पर HIV कार्यक्रम की योजना, क्रियान्वयन, निगरानी एवं स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रभावी कन्वर्जेन्स के लिए आवश्यक जानकारी एवं कौशल प्रदान किया गया। इससे राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के निर्धारित उद्देश्यों तथा 95-95-99 लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा जिले के प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. एच०एन०प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी जालौन (CMO),डॉ. वीरेन्द्र सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO),डॉ. अरविन्द भूषण, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO),डॉ. ए०पी० वर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी (DTC),डॉ. उमेश कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (DIO),डॉ. रामेन्द्र पचौरी, उप जिला क्षय रोग अधिकारी (Deputy DTO), उत्तम प्रकाश, जिला प्रशासनिक अधिकारी (DAO),चन्द्रशेखर, जिला मलेरिया अधिकारी (DMO) उपस्थित रहे तरह दिसा टीम से सी०एस०ओ शैलेन्द्र यादव, डी०एम०डी०ओ० अमित सक्सेना तथा समस्त ब्लाक के अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।













