कानपुर देहात। जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में डीपीआरसी, कानपुर देहात में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत विकास योजना विषयक जनपद स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं को अधिक सहभागी, समावेशी, पारदर्शी एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास को गति प्रदान करना रहा।
कार्यशाला में जिला क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति के सदस्यगण, जनपद के समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं समस्त सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) प्रतिभागी रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना के विभिन्न आयामों, उसके प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्राम पंचायतों की वार्षिक विकास योजनाओं के निर्माण की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना ग्रामीण विकास की आधारशिला है, जिसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर जन अपेक्षाओं एवं आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का निर्माण एवं उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की विकास योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब उनमें जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग की आवश्यकताओं को समाहित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए योजनाओं का निर्माण किया जाए, जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास एवं स्थानीय समस्याओं के समाधान का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ग्राम पंचायतों को योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग प्रदान करते हुए उन्हें अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाएंगे। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान ग्राम पंचायत विकास योजना के निर्माण में सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहभागिता, उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग, विभागीय योजनाओं के अभिसरण (Convergence) तथा सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं के निर्माण पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। साथ ही, पंचायतों को स्वावलंबी एवं सशक्त बनाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के उद्देश्यों एवं प्रावधानों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत विकास योजनाओं को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से तैयार कराया जाए तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत की स्थानीय आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं को योजनाओं में समुचित स्थान दिया जाए। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 जयगोविन्द, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, डीसी नरेगा अशोक कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी विकास गुप्ता, उप कृषि निदेशक हरी शंकर भार्गव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।










