तालाब पुनरुद्धार एवं वृक्षारोपण के माध्यम से दिया गया जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कानपुर देहात। भूजल सप्ताह के अंतर्गत जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं पर्यावरण संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों को भूजल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए सभी प्रतिभागियों को भूजल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
हाइड्रोलॉजिस्ट अर्चना सिंह ने बताया कि भूजल हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है, जिसके संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संचयन, जल का विवेकपूर्ण उपयोग एवं पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण भूजल स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाते हुए इस दिशा में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम के अंतर्गत तिरुबाला एक्सपोर्ट प्रा. लि. द्वारा ग्राम जैनपुर स्थित लगभग एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के तालाब पर श्रमदान कर तालाब पुनरुद्धार कार्य संपादित किया गया। इस पहल का उद्देश्य वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना एवं भूजल पुनर्भरण को सुदृढ़ करना है। तालाब पुनरुद्धार जैसे प्रयास स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके उपरांत भूगर्भ जल विभाग एवं ग्राम प्रधान द्वारा संयुक्त रूप से वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।
भूजल सप्ताह के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से जनपदवासियों से वर्षा जल संचयन को अपनाने, जल के अपव्यय को रोकने तथा भूजल संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया गया। जल संरक्षण की दिशा में जनसहभागिता एवं सतत प्रयास ही भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं समृद्ध जल संसाधनों का आधार बनेंगे।












