पति के जीवित रहते भी महिला उठा रही थी विधवा पेंशन, फर्जीवाड़े के खिलाफ मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से शिकायत

​औरैया – जनपद के बिधूना तहसील अंतर्गत वढिन ग्राम से धोखाधड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला द्वारा अपने जीवित पति को कागजों में मृत दिखाकर पिछले करीब 5 वर्षों से अवैध रूप से ‘निराशृत महिला (विधवा) पेंशन’ प्राप्त करने का गंभीर आरोप लगा है। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब गांव के ही एक जागरूक नागरिक ने साक्ष्यों के साथ समाज कल्याण अधिकारी सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिले के जिलाधिकारी को लिखित शिकायत पत्र भेजकर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
​मामला एक नज़र में:
​शिकायतकर्ता: बादशाह पुत्र श्री विजय बहादुर (निवासी: ग्राम व पो० वढिन, तहसील बिधूना, जनपद औरैया)
​आरोपी महिला: रूपा देवी पत्नी सत्यभान (निवासी: ग्राम व पो० वढिन, तहसील बिधूना, जनपद औरैया)
​मुख्य आरोप: पति (सत्यभान पुत्र श्री शिवनारायण) के जीवित होने और 10 वर्ष का एक पुत्र होने के बावजूद, कूटरचित व फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पिछले 5 वर्षों से विधवा पेंशन हड़पना।
​क्या है पूरा मामला?
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, वढिन ग्राम के निवासी बादशाह पुत्र श्री विजय बहादुर ने समाज कल्याण अधिकारी, औरैया को एक शिकायती पत्र प्रेषित किया है। शिकायती पत्र में उल्लेख किया गया है कि उनके ही ग्राम की निवासी रूपा देवी पत्नी सत्यभान ने तथ्यों को छुपाकर और कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार करवाकर समाज कल्याण विभाग को गुमराह किया और अपने नाम पर निराश्रित विधवा पेंशन स्वीकृत करा ली। आरोप है कि महिला पिछले लगभग 5 वर्षों से लगातार इस सरकारी योजना का लाभ अवैध रूप से उठा रही है।
​पति है जीवित, 10 साल का बेटा भी है
​शिकायतकर्ता बादशाह ने चौंकाने वाला दावा करते हुए बताया कि आरोपी महिला रूपा देवी का पति सत्यभान पुत्र श्री शिवनारायण वर्तमान में पूरी तरह जीवित और स्वस्थ है। यही नहीं, इस दंपत्ति का एक 10 वर्षीय पुत्र भी है। ऐसे में जीवित पति के रहते हुए महिला द्वारा खुद को निराश्रित विधवा घोषित कर सरकारी धन का आहरण करना सीधे तौर पर शासन और प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। यह न केवल एक गंभीर कानूनी अपराध है, बल्कि किसी वास्तविक जरूरतमंद महिला के हक पर डाका डालने जैसा कृत्य है।
​रिकवरी और कानूनी कार्रवाई की मांग
​मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने न केवल जिला समाज कल्याण अधिकारी, बल्कि सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ) और जनपद औरैया के जिलाधिकारी को भी पत्र की प्रतिलिपि (कॉपी) भेजकर त्वरित एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायती पत्र में पुरजोर मांग की गई है कि मामले की गहनता से जांच कराकर आरोपी महिला की विधवा पेंशन को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, अब तक पायी गई पेंशन की पूरी धनराशि की सरकारी नियमानुसार रिकवरी (वसूली) की जाए, तथा दोषी पाए जाने पर महिला के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
​इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग इस पर कितनी तत्परता से संज्ञान लेता है और जांच के बाद क्या कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

रिपोर्ट :- गौरव कुमार पोरवाल जन संदेश 24 न्यूज़

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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