कानपुर देहात में प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूटरीकरण कार्यों की प्रगति, स्थानीय निरीक्षण में प्राप्त आख्या, तकनीकी एवं प्रशासनिक अवलोकनों के निस्तारण तथा योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न चरणों की समीक्षा हेतु जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं निगरानी समिति (DLIMC) की बैठक आज जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष, कलेक्ट्रेट में सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित समिति के सदस्य, सहकारिता विभाग, जिला सहकारी बैंक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में संचालित पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना के अंतर्गत जनपद में प्रथम एवं द्वितीय चरण में चयनित समितियों की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। पूर्व में प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा किए गए स्थलीय परीक्षण एवं प्रस्तुत निरीक्षण आख्या के आधार पर एजेंडावार बिंदुओं पर चर्चा एवं अनुमोदन किया गया।
बैठक में पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना के अंतर्गत चयनित कुल 33 समितियों में हार्डवेयर उपलब्धता, कंप्यूटर उपकरणों की कार्यशीलता, डेटा फीडिंग, सॉफ्टवेयर संचालन, टी-08, टी-12 एवं टी-14 प्रमाण पत्र, डायनेमिक डे-एण्ड (DDE), वर्षांत प्रक्रिया (Year End Process), ऑडिट प्रमाण पत्र एवं ई-पैक्स प्रमाण पत्रों की स्थिति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालिका अधिकारी, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, आशीष कुमार मेहता ने समिति को अवगत कराया कि अनेक समितियों में कंप्यूटर ऑपरेटर की उपलब्धता न होने के कारण कम्प्यूटरीकरण एवं डेटा फीडिंग के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर से निर्देश प्राप्त हुए हैं कि 31 जुलाई तक सभी समितियों में कंप्यूटर ऑपरेटर की उपलब्धता शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। इस पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने विषय को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि जनपद की कुल 33 पैक्स समितियों में आगामी 20 जुलाई तक कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए, जिससे कम्प्यूटरीकरण एवं बैंकिंग संबंधी कार्य बाधित न हों। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस कार्य की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी स्तर पर विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान समितियों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की स्थिति स्पष्ट न होने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि लोकल स्तर पर ब्रॉडबैंड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा समितियों में ही बैठकर सभी आवश्यक डेटा एंट्री एवं ऑनलाइन कार्यवाही पूर्ण कराई जाए, जिससे कार्यों का वास्तविक समय में निष्पादन सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने बैंकिंग संचालन प्रणाली के अनुरूप डायनेमिक डे-एण्ड (Dynamic Day End-DDE) प्रक्रिया को विशेष महत्व देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि समितियों में होने वाले सभी वित्तीय लेन-देन एवं वाउचर की प्रविष्टि उसी दिन अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए, जिससे अभिलेखों की शुद्धता, पारदर्शिता एवं वित्तीय अनुशासन बना रहे। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि जनपद की कुल 33 समितियों में ऑडिट संबंधी कार्यों की प्रगति संतोषजनक है तथा चयनित समितियों में सिस्टम आधारित ऑडिट प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। साथ ही शेष प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। स्थलीय निरीक्षण के दौरान प्राप्त अन्य बिंदुओं जैसे भवन की स्थिति, विद्युत उपलब्धता, उपकरण संचालन, प्रमाण पत्रों के निर्गमन एवं तकनीकी अवरोधों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर लंबित बिंदुओं का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें तथा पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण कर जनपद में सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, डिजिटल एवं सक्षम बनाया जाए।













