उरई। उप कृषि निदेशक एस०के०उत्तम ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को पारदर्शी करने, डाटा लीक को रोकते हुये योजनान्तर्गत केवल वास्तविक एवं जीवित लाभार्थियों को ही लाभ प्राप्त हो सके, यह सुनिश्चित किये जाने हेतु सभी पी०एम० किसान लाभार्थियों के लिए वार्षिक ई-के०वाई०सी० अनिवार्य रूप से कराने हेतु व्यवस्था निर्धारित की गयी। उन्होंने बताया कि ई-के०वाई०सी० प्रक्रिया निम्न प्रकार से करायी जायेगी- बॉयोमेट्रिक ई-के०वाई०सी०:- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत पंजीकृत प्रत्येक पात्र लाभार्थी कृषक परिवार अपनी ई-के०वाई०सी० की प्रक्रिया बॉयोमेट्रिक ऑथेन्टिकेशन के माध्यम से नजदीकी जनसेवा केन्द्र से करा सकते हैं।
फेशियल ई-के०वाई०सी०:- फेशियल ई-के०वाई०सी० हेतु पी०एम० किसान मोबाइल ऐप का उपयोग करके या ग्राम नोडल अधिकारी (वी०एन०ओ०) / फील्ड कार्मिकों से सम्पर्क कर पूर्ण करा सकते हैं।
साथ ही उल्लेख किया गया कि कृषक द्वारा ई० के०वाई०सी० की प्रक्रिया समय से पूर्ण नहीं की जाती है, तो कृषक स्वतः ही अपात्रता की श्रेणी में आ जायेगा व उसकी आगामी किस्तों के भुगतान पर भी रोक लगायी जा सकती है।
अतः जनपद के पीएम किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत लाभार्थी / कृषकों से अपील है कि चालू वर्ष के लिए वार्षिक ई-के०वाई०सी० की प्रक्रिया को 30 जून 2026 से पूर्व अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें। जिससे पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ सुचारू रूप से प्राप्त होता रहे।








