स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हर पोर्टल पर दिखे प्रगति में सुधार — डीएम

 

मातृ-शिशु स्वास्थ्य, एनआरसी, टीबी उन्मूलन और आभा आईडी की समीक्षा में कई ब्लॉकों की धीमी प्रगति पर सुधारात्मक दिए निर्देश

जालौन जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक कर स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं पोर्टलों की गहन समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पोर्टलों पर वास्तविक प्रगति परिलक्षित होनी चाहिए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान भारत सरकार द्वारा संचालित एसएनए स्पर्श पोर्टल 2.0 एवं डीडीओ पोर्टल पर कर्मचारियों, आशा, आशा संगिनी तथा जेएसवाई लाभार्थियों के रजिस्ट्रेशन कार्य की प्रगति देखी गई। अधिकारियों ने अवगत कराया कि ब्लॉक स्तरीय इकाइयों को 330.00 की लिमिट आवंटित की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने लंबित पंजीकरण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।आरसीएच पोर्टल की समीक्षा में कई इकाइयों की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि कार्ययोजना बनाकर वर्क प्लान पोर्टल से डेटा जनरेट करते हुए सभी सूचनाएं समय से अपडेट की जाएं। गर्भवती महिलाओं में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) चिन्हांकन की समीक्षा के दौरान छिरिया, कदौरा, पिंडारी, कुठौंद, कालपी, रामपुरा एवं अरवन क्षेत्र के कई उपकेंद्रों की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम वाले लक्षणों की समय रहते पहचान कर उनका प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एएनएम के क्षमता संवर्धन तथा पीएमएसएमए दिवस पर 15 से 20 प्रतिशत एचआरपी चिन्हित करने के निर्देश दिए। एफबीएनसी पोर्टल के अंतर्गत एनआरसी कार्यक्रम की समीक्षा में बेड ऑक्यूपेंसी दर मात्र 59 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने समस्त चिकित्सा इकाइयों को निर्देशित किया कि अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर जिला चिकित्सालय स्थित एनआरसी में भर्ती कराया जाए। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक स्तरीय इकाई को न्यूनतम 25 बच्चों को प्रतिमाह एनआरसी में भर्ती कराने का लक्ष्य दिया। साथ ही जिला महिला चिकित्सालय, पुरुष चिकित्सालय तथा सीएचसी कोच, कालपी, जालौन एवं माधौगढ़ के बाल रोग विशेषज्ञों को ओपीडी के दौरान बच्चों की स्क्रीनिंग कर एनआरसी में भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।एसएनसीयू एवं एनबीएसयू इकाइयों की समीक्षा में सीएचसी जालौन, माधौगढ़ एवं कोंच में कम एडमिशन तथा कम बेड ऑक्यूपेंसी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और आगामी माह में सुधार लाने के निर्देश दिए।ई-कवच पोर्टल के तहत आभा आईडी, गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, सीबीएसी स्क्रीनिंग तथा हेल्थ फैसिलिटी लॉगिन की समीक्षा में न्यूनतम प्रगति वाले ब्लॉकों को चेतावनी देते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन में रामपुरा, कदौरा, कुठौंद, डकोर, उरई एवं अरवन ब्लॉकों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने प्रभावी रणनीति बनाकर प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए। वहीं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूल स्क्रीनिंग अभियान को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद सहित स्वास्थ्य विभाग के समस्त संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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