मूसानगर। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत किसानों से खरीदी गई पावर प्लांट के नाम पर 400 करोड़ की जमीन में हुआ घोटाला जमीन पर घोटाले को लेकर मुकदमा पंजीकृत कर एस आई टी ने जांच शुरू की जानकारी के मुताबिक चपरघटा में 1320 मेगावाट का पावर प्लांट लगाए जाने हेतु 400 करोड़ की किसानों की जमीन खरीदी गई थी। किसानो की जमीन बिक्री के वक्त किसानों को हर सुख सुविधा जैसे सड़क विद्यालय लाइट व रोजगार देने की बात को लेकर जमीन बिक्री हुई थी। खरीदी गई जमीन पावर प्लांट के लिए ग्राम अमिलिया सिहारी कछगांव छपरघटा की जमीन सन 2011 में हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी वहीं गांव कृपालपुर छपरघटा रसूलपुर भूंडा भरतौली लाइव को अनपरा पावर लिमिटेड को भूमि का अधिग्रहण कराया गया था कंपनियों ने यहां पावर प्लांट नहीं लगाया भूअध्यप्ति कार्यालय की मिली भगत से पूर्ण रचित तरीके से दस्तावेज तैयार कर कंपनियों ने जमीन को बैंक में बंधक कर करोड़ों रुपए ले लिया और गायब हो गए जमीन की नीलामी पर घोटाले का खुलासा सामने आया। तहसीलदार भोगनीपुर प्रिया सिंह ने 12 अप्रैल को मुसलमान खाने में तत्कालीन एडीएम को भूअध्यप्ति कानपुर नगर ओके सिंह पावर प्लांट लगाने वाली कंपनियों और बैंकों के अफसरो व कर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें यह बात प्रकाश में आई की कंपनियों ने राज्य सरकार की अनुमति के बिना भूमि को बैंकों में बंधक बनाया इससे सरकार को 300 से 400 करोड़ की छती पहुंची जिसकी जांच हेतु एस आई टी की पांच सदस्यसिय टीम गठित की गई। इस बाबत एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडे ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर एसआईटी टीम गठित कर दी गई है जांच की जा रही है जांच में जो भी प्रकाश में आएगा उसी उपरान्त आवश्यक संवैधानिक कार्रवाई की जाएगी।










