दिव्यांगजनों को मौके पर जारी किए गए दिव्यांगता प्रमाण पत्र, राशन कार्ड की समस्या का निस्तारण; जरूरतमंदों को ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर एवं कान की मशीन वितरित
कानपुर देहात।दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों एवं शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, उनके प्रति समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज विकास भवन सभागार, माती, कानपुर देहात में राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन, उत्तर प्रदेश प्रो. हिमांशु शेखर झा द्वारा मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 की मूल भावना के अनुरूप दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा एवं सरकारी योजनाओं में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
मोबाइल कोर्ट में कुल 52 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें मुख्य रूप से आवास, शौचालय, राशन कार्ड एवं मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल से संबंधित समस्याएं शामिल रहीं। मा० राज्य आयुक्त ने प्राप्त शिकायतों के निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए तथा दिव्यांगजनों की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इस दौरान राज्य आयुक्त महोदय ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में सप्ताह में तीन दिन दिव्यांग बोर्ड का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, बोर्ड के माध्यम से विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूर्ण की जाए तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए पूर्व से लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब या असुविधा का सामना न करना पड़े।
मोबाइल कोर्ट के दौरान दिव्यांग बोर्ड द्वारा विनय एवं रामविलास को मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए। वहीं, जिला पूर्ति विभाग द्वारा रामजी एवं मान सिंह के राशन कार्ड में यूनिट से संबंधित समस्या का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इससे संबंधित लाभार्थियों को तत्काल राहत मिली।
कार्यक्रम के दौरान राज्य आयुक्त द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। इसके अंतर्गत सर्वेश कुमार को ट्राईसाइकिल, कु० सेजल एवं रामलखन को कान की मशीन तथा अंश को व्हीलचेयर प्रदान की गई।
राज्य आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिव्यांगजनों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा, शैक्षणिक संस्थानों एवं रोजगार में आरक्षण, गरीबी उन्मूलन एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं पात्र दिव्यांगजनों तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जयगोविन्द, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विनय उत्तम सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।











