कुठौंद जालौन। अधिक वर्षा के कारण फसल खराब होने से परेशान एक दलित किसान ने खेत में बबूल के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार को किसान का शव खेत में पेड़ से लटका मिलने पर गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर मामले की जांच शुरू कर दी।
कुठौंद थाना क्षेत्र के मदारीपुर गांव निवासी गया प्रसाद खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। स्वजन के अनुसार, उन्होंने अपनी जमीन के साथ-साथ बलकट पर भी खेती कर रखी थी। खेती के लिए उन्होंने कर्ज भी लिया था। इस वर्ष लगातार अधिक वर्षा होने से खेतों में खड़ी फसल खराब हो गई। फसल बर्बाद होने से किसान काफी परेशान था और कर्ज चुकाने को लेकर भी चिंतित था।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को गया प्रसाद खेत पर गए थे। इसी दौरान उन्होंने बबूल के पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर स्वजन ने तलाश शुरू की तो उनका शव खेत में पेड़ से लटका मिला। शव देखते ही स्वजन में चीख-पुकार मच गई और गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की जानकारी मिलते ही कुठौंद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वजन की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कर्ज और फसल खराब होने से बढ़ी परेशानी।
ग्रामीणों के अनुसार, किसान ने अपनी खेती के अलावा बलकट पर भी जमीन लेकर फसल बोई थी। अधिक वर्षा के कारण फसल खराब होने से उसकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई थी। खेती में लगी पूंजी और कर्ज की चिंता के चलते वह परेशान था। हालांकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
रिपोर्ट अनूप मिश्रा जालौन















