कानपुर देहात। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी की रोकथाम, तंबाकू-धूम्रपान व शराब की लत से बचाव, सर्वाइकल कैंसर जागरूकता तथा गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नुपुर श्रीवास्तव एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविन्द ने की। संचालन उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के. सिंह ने किया।
बैठक में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. यतेन्द्र शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशे के दुष्प्रभावों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों का आशाओं के माध्यम से सी-बैक फॉर्म भराया जाए। एएनएम एवं सीएचओ अपने क्षेत्रों में डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर एवं सीओपीडी की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करें। जांच में संदिग्ध मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्साधिकारियों के पास संदर्भित कर उपचार एवं आवश्यक जांच कराई जाए तथा सभी विवरण ई-कवच पोर्टल/एप्लीकेशन पर अपडेट किए जाएं। कम प्रगति वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रत्येक गुरुवार को सभी सामुदायिक एवं ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ‘मन चेतना दिवस’ आयोजित करने तथा उसकी रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविन्द ने तंबाकू एवं धूम्रपान से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही नियमित रूप से हाईपरटेंशन एवं मधुमेह की जांच कराने पर जोर दिया। उन्होंने ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों से बचाव, मानसिक तनाव से दूर रहने और स्वस्थ आहार अपनाने की जानकारी दी।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कोटपा अधिनियम-2003 एवं पेका अधिनियम-2019 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सभी कार्यालयों एवं संस्थानों को ‘तंबाकू मुक्त परिसर’ घोषित कराने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करते पाए जाने वालों के विरुद्ध कोटपा अधिनियम की धारा-4 के तहत 200 रुपये तक का जुर्माना कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नुपुर श्रीवास्तव ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी पर प्रभावी रोकथाम के साथ तंबाकू, धूम्रपान एवं शराब की लत से बचाव तथा एनसीडी रोगों की स्क्रीनिंग, संदर्भन और उपचार के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.एल. वर्मा, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के. सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी श्री मारुति दीक्षित, चिकित्साधिकारी मो. एजाज, समस्त सीएचओ सहित अन्य चिकित्साधिकारी, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।












