कानपुर देहात। जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल ने अवगत कराया कि ग्राम पंचायत देवराहट में पूर्व में गठित जांच समिति की जांच आख्या के आधार पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं सिद्ध होने पर ग्राम प्रधान एवं सचिव को निलंबित किया गया था। उक्त निलंबन आदेश के विरुद्ध ग्राम प्रधान द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, प्रयागराज में रिट याचिका दायर की गई थी।
माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 13 नवंबर 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में ग्राम प्रधान से पुनः स्पष्टीकरण प्राप्त कर अंतिम निर्णय लिए जाने के निर्देश दिए गए थे। न्यायालय के आदेश के क्रम में ग्राम प्रधान द्वारा दिनांक 28 नवंबर 2025 को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया।
प्राप्त स्पष्टीकरण के परीक्षण हेतु जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा जिला विकास अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता, नलकूप विभाग को नामित किया गया। दोनों अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से मामले की जांच कर दिनांक 22 मई 2026 को अपनी परीक्षण आख्या प्रस्तुत की गई।
संयुक्त परीक्षण आख्या में ग्राम प्रधान एवं तत्कालीन सचिव को कुल ₹6,53,339 की वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया। जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने संबंधित ग्राम प्रधान/प्रशासक को निलंबित किए जाने के निर्देश जारी किए हैं।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने संबंधित तत्कालीन सचिव एवं ग्राम प्रधान से अनियमितता की धनराशि की वसूली सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन के नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए वित्तीय अनुशासन एवं पारदर्शिता बनाए रखी जाए तथा शासकीय धन के दुरुपयोग के मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।












