सभी भक्त जन सादर आमंत्रित महामण्डलेश्वर बड़ा स्थान
कालपी (जालौन) उत्तर भारत की सबसे बड़ी नागा गद्दी श्री लक्ष्मीनारायण मन्दिर बड़ा स्थान व्यास क्षेत्र कालपी धाम में प्रति वर्ष की भांति गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व 29 जुलाई को गुरु पूजन सुन्दर कांड रामायण पाठ व विशाल भंडारे का आयोजन निश्चित है ।
उक्त सम्बन्ध में श्री श्री 1008 बाल योगी महंत रामकरन दास जी महाराज महामण्डलेश्वर बड़ा स्थान कालपी धा ने बताया की गुरू पूर्णिमा अपने आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं के प्रति सम्मान और क्रतज्ञता प्रकट करने का एक पवित्र त्योहार है जो अषाण मास को पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं । इस दिन महिर्षि वेद व्यास जी का जन्म हुआ था जिन्होंने वेदों का विभाजन और पुराणों की रचना की थी।
पूज्य गुरुदेव ने कहा कि गु का अर्थ अंधकार य अज्ञान और रु का अर्थ उसे मिटाने वाला प्रकाश है। गुरू वह है जो हमारे जीवन का अज्ञान रूपी अंधकार दूर करता है। गुरुवर ने आगे बताया कि सनातन धर्म में महिर्षि वेद व्यास जी को आदि गुरू माना जाता है इसलिए इस दिन उनकी पूजा का अत्यधिक महात्व है। इस दिन शिष्य लोग अपने गुरओं की पूजा करके औल उन्हें उपहार स्वरूप वस्तुएं भेंट करके उनके प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं बदले में गुरू अपने शिष्य को धन धान्य निरोगी काया और सफल जीवन का आशीर्वाद प्रदान करते हैं ।
गुरुवार पूर्णिमा के पावन पर्व पर आय सभी भक्त जन सादर आमंत्रित हैं भगवान श्री लक्ष्मीनारायण मन्दिर बड़ा स्थान व्यास क्षेत्र कालपी धाम में पधार कर भंडारा प्रसाद ग्रहण करे और अपने जीवन को सफल करें।
आर०एन० शुक्ला पत्रकार












