कानपुर देहात में सीएमओ कार्यालय के सभागार में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों की समुचित देखभाल एवं विकलांगता की रोकथाम हेतु एमएमडीपी (Morbidity Management and Disability Prevention) प्रशिक्षण एवं पेशेंट सेल्फ-केयर डेमोंस्ट्रेशन का जिलास्तरीय आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ जय गोविंद की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन सीएमओ डॉ जय गोविंद की अध्यक्षता में डिप्टी सीएमओ डॉ डी.के. सिंह, पाथ स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर डॉ सिद्धार्थ दत्ता, जोनल कोऑर्डिनेटर, डब्ल्यू.एच.ओ. डॉ राहुल, सी.एफ.ए.आर. जिला समन्वयक प्रेम सिंह कटियार एवं डीएमओ मारुति दीक्षित द्वारा किया गया। प्रशिक्षण पीपीटी एवं डेमोंस्ट्रेशन आधारित पद्धति से प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में सीएमओ द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों, विशेषकर सभी ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक एवं बीसीपीएम को संबोधित करते हुए कहा गया कि फाइलेरिया रोगियों के प्रभावी प्रबंधन में नियमित फॉलो-अप, स्व-देखभाल (Self-care) अभ्यास तथा एमएमडीपी किट का वैज्ञानिक उपयोग रोग की जटिलताओं को न्यूनतम करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक चिन्हित मरीज तक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर से एमएमडीपी प्रशिक्षण एवं किट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO), ए.एन.एम. एवं संगिनी का चरणबद्ध प्रशिक्षण आयोजित किया जाए, जिससे एमएमडीपी सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा सके तथा मरीजों में प्रभावी सेल्फ-केयर प्रबंधन विकसित किया जा सके।
इस अवसर पर एमएमडीपी प्रोटोकॉल के अंतर्गत प्रभावित अंग की साफ-सफाई, लिम्फेडेमा (सूजन) प्रबंधन, नियमित व्यायाम, त्वचा की देखभाल एवं संक्रमण से बचाव के उपायों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया गया। फाइलेरिया मरीज थर्ड स्टेज बलवीर (48 वर्ष) के माध्यम से डीसी प्रेम सिंह एवं डॉ राहुल द्वारा व्यावहारिक प्रदर्शन एवं डेमोंस्ट्रेशन कर प्रशिक्षण दिया गया। एम.एम.डी.पी. टी.ओ.टी. वर्कशॉप के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस के माध्यम से स्व-देखभाल तकनीकों का अभ्यास कराया गया, जिससे वे ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के जरिए इन प्रक्रियाओं को समुदाय में प्रभावी रूप से लागू करा सकें।
सीएमओ, कानपुर देहात द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि जनपद के प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर पर सीएचओ के माध्यम से पी.एस.पी. एवं पी.एस.जी. का गठन सुनिश्चित किया जाए तथा सभी चिन्हित फाइलेरिया मरीजों को आयुष्मान स्तर से लिंक करते हुए उन्हें एम.एम.डी.पी. किट वितरण के साथ सेल्फ-केयर प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे रोग की गंभीरता को कम किया जा सके।
कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ एस.एल. वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ डी.के. सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ आदित्य, जेड सी डॉ राहुल, डीसी प्रेम सिंह, डीएमओ मारुति दीक्षित,मलेरिया निरीक्षक जनपद के समस्त चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सभी बीसीपीएम, पीएसपी सदस्य तथा फाइलेरिया मरीज बलवीर एवं सीताराम की सक्रिय भागीदारी रही। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सफलता एवं फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।
अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर देहात द्वारा निर्देशित किया गया कि एम.एम.डी.पी. गतिविधियों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करते हुए प्रत्येक मरीज का आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर पर निश्चय दिवस एम ओपीडी में नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए, जिससे फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को निर्धारित समयसीमा में प्रभावी रूप से पूर्ण किया जा सके।











