इनकी पहचान कर हो वहिष्कार
कालपी (जालौन ) पेड पत्रकार (जिसे पेड न्यूज य पैकेज्ड जर्नलिस्ट भी कहा जाता है)इसका अर्थ उस पत्रकारिता य पत्रकार से है जो पैसे य निजी स्वार्थ के बदले खबरें प्रकाशित य प्रसारित करते हैं। यह प्रवृत्ति समाज और देश के लिए अत्यंत घातक है।
निष्पक्ष पत्रकारिता को लोकतंत्र का प्रहरी माना जाता है। पेड जर्नलिस्ट इस स्तम्भ को कमजोर कर जनता का मीडिया से विश्वाश उठा देते हैं। यह लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का पतन कहा जा सकता है। जब मीडिया पैसों के लिए गलत लोगों य नीतियों का प्रचार करने लगती है तो इससे भ्रष्टाचारियों और अपराधियों को संरक्षण मिलता है। और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। पेड न्यूज के माध्यम से प्रायोजित और झूठी जानकारी जनता तक पहुंचती है। इसे मतदाता य आम नागरिक सही और गलत का फैसला नहीं कर पाता। और जनता को गुमराह होना पढ़ता है। जो राजनेता य उद्यमी दबंग बदमाश भ्रष्टाचारी और नियतखोर पैसे खर्च कर सकते हैं उन्हें ऐसे तथाकथित पत्रकार भी मिल जाते हैं जो सफेद झूठ को अपने शब्दों से सही साबित करने का प्रयास करते हैं।और सच्चाई तथा सच्चे मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
जनपद मे एक आद पत्रकार ऐसे हैं जिनके पास आमदनी का कोई जरिया नहीं न व्यापार न नौकरी पर दिन रात पत्रकार लिखी कार से घूमते है मंहगे शौक करते हैं जमकर अय्यासी करते है । इनको चिन्हित कर इनका पत्रकारिता जैसे पवित्र पेशे से वहिष्कार करना होगा। अन्यथा की स्थिति मे जो आज लोगों पर मीडिया य पत्रकारों पर भरोसा है वह समाप्त हो जाएगा।








