कानपुर देहात गजनेर। थाना क्षेत्र अंतर्गत चौराहा स्थित एक गेस्ट हाउस के बाहर हुई सड़क दुर्घटना के बाद मदद मांगने पहुंचे पीड़ित पिता पर पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट और गालीगलौज किए जाने का आरोप सामने आया है। मामला नगीना बंगार, थाना मूसानगर निवासी अरविंद कुमार पुत्र राधेलाल कुरील से जुड़ा है।
पीड़ित अरविंद कुमार के अनुसार, उनके बड़े पापा के बेटे का तिलक कार्यक्रम गजनेर चौराहा स्थित गेस्ट हाउस में था। इसी दौरान गेस्ट हाउस के बाहर उनकी लगभग 5-6 वर्षीय पुत्री नित्या देवी को एक बाइक सवार ने टक्कर मारकर घसीट दिया, जिससे बच्ची को गंभीर चोटें आईं। मौजूद लोगों ने बाइक सवार को पकड़कर बाइक गेस्ट हाउस के बाहर खड़ी कर दी और घायल बच्ची को गजनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
अरविंद कुमार का आरोप है कि रात करीब 9:30 बजे उन्हें सूचना मिली जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और डायल 112 पर कॉल कर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि डायल 112 की टीम दो बार मौके पर आई और खानापूर्ति कर चली गई। तीसरी बार कॉल करने पर जब पुलिस पहुंची तो वहां मौजूद एक यादव सिपाही ने उनके साथ बदतमीजी की और गाली गलौज करते हुए कहा कि वे बेवजह 112 डायल कर पुलिस को परेशान कर रहे हैं। अरविंद का आरोप है कि इसके बाद डायल 112 पुलिस घायल बच्ची और उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई। रास्ते में और थाने पहुंचने के बाद भी उनके साथ गालीगलौज की गई। उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में बना लिया। पीड़ित के मुताबिक, थाने में डायल 112 पुलिस ने मूसानगर थाने की पुलिस को बताया कि अरविंद बार-बार 112 कॉल कर परेशान कर रहे हैं। इसके बाद थाने में मौजूद एक सिपाही ने पीछे से उन्हें तमाचा मारा, जिससे वे गोद में ली हुई घायल बच्ची के साथ जमीन पर गिर गए। अरविंद का आरोप है कि इसके बाद एक दरोगा ने जूते की नोक से उन पर कई बार वार किया, उनका मोबाइल छीन लिया और पासवर्ड बताने का दबाव बनाया। पासवर्ड न बताने पर पुलिसकर्मियों ने उनके चेहरे के सामने मोबाइल रखकर फेस अनलॉक कराया और मोबाइल में मौजूद गालीगलौज व मारपीट के वीडियो को डिलीट कर दिया। उनका मोबाइल अभी भी पुलिस के पास है।
अरविंद ने बताया कि गजनेर सीएचसी से बच्ची को जिला अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन रात में संसाधन न होने के कारण वे पुलिस से मदद मांग रहे थे। इसके बाद वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और अपनी पीड़ा साझा की। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाने को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।








