एक तरफ सरकार ग्रामीण अंचलों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए करोड़ों की लागत से सड़कों का जाल बिछा रही है वहीं दूसरी ओर कानपुर देहात की तहसील सिकंदरा मे खनन माफियाओं के रसूख के आगे शासन प्रशासन के नियम बौने साबित हो रहें हैं वर्षों की तपस्या और लंबी मांग के बाद ग्रामीणों को मिली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क और पुल की सौगात अब भारी ओवरलोड डंपरों की भेंट चढ़ चुकीं हैं नियमों की उडयी जा रही है धज्जियां जनपद जालौन की सिमर घाट से वाली वालू को ढोने वाले ट्रक और डंपर यमदूत बनकर इस रोड पर दौड़ रहे हैं चश्मदीदों और ग्रामीण के अनुसार ये वाहन अपनी क्षमता से कही अधिक और ट्रक की बाड़ी से लगभग 2 से 3 फ़ीट ऊपर तक बालू लाद कर निकलते हैं कम समय और दुरी के लालच में टृक चालक इस ग्रामीण रूट का प्रयोग कर रहे हैं जिससे करोड़ों की लागत से बनीं सड़क अब मलबे से तब्दील हो रही है रसूख का पहरा गुर्गों करते हैं ट्रक की रेकी हैरानी की बात यह है कि इन ओवरलोड वाहनों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए छोटे स्तर के खनन माफिया और उनके गुर्गे सड़कों पर सक्रिय रहते हैं ये गुर्गों अधिकारियों की लोकेशन ट्रेक करते हैं और ट्रकों को सुरक्षित पास कराते हैं यादि कोई ग्रामीण विरोध करता है तो उसे अपने रूतबे और दबदबे का डर दिखाकर चुप करा दिया जाता है
जिम्मेदार अधिकारी मौन ग्रामीणों मे भारी आक्रोश
सामजसेवी लालजी सिंह चौहान गौ रक्षक प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चंद्र मिश्रा और क्षेत्रीय जनता ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर स्थानीय प्रशासन तक की है लेकिन धारातल पर कार्यवाही शून्य है हमारी पीढ़ियों ने इस सड़क और पुल का इंतजार किया था आज जब यह सुविधा मिली तो माफियाओं ने इसे बर्बाद कर दिया आए दिन ओवरलोड वाहनों के कारण राहगीर घायल हो रहे हैं लेकिन अधिकारियों की चुप्पी समझ मे पड़े हैं स्थानीय ग्रामीण हादसों दावत देता शार्टकट ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों के के कारण सडक पर गहरे गड्ढे हो गए हैं दिन और रात के अंधेरे में ये ओवरलोड ट्रक बिना किसी डर के निकलते हैं जिससे पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों के लिए जान का जोखिम बना रहता है कई बार हादसो के बाद भी खनन माफिया अपने रसूख के दम पर मामलों को रफा दफा कर देते हैं मुख्य मांग तत्काल रूके अवैध परिवहन क्षेत्रीय जनता ने फिर एक बार मुख्यमंत्री से गुहार लगाई की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क पर भारी और ओवरलोड वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए सडक पर hight Gauge लागए जाए ताकि उचे ट्रक प्रवेश न कर सके रेकी करने वाले खनन माफिया के गुर्गों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो अब देखना यह है कि प्रशासन इन रसुखदारो पर लगाम कसता है या ग्रामीणों की यह विकास की जीवनरेखा पुरी तरह जमींदोज हो जाएगी वहीं पूरे मामले में जब परिवहन विभाग के अधिकारी प्रशांत से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि एआरटीओ परिवहन के द्वारा मौके पर जाकर ओवरलोड वाहनों का चलन कार्यवाही की जा रही है और चेतावनी विधि जा रही है क्यों बोलें पीडब्ल्यूडी विभाग के एकिशन सुनील कुमार सिंह से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि अगर इस प्रकार से ओवरलोड वाहन प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क से गुजर रहें हैं तो ग़लत है जिसकी सुचना लिखित मे जिलाधिकारी खनन विभाग और परिवहन विभाग को सुचित कराईं जाएं गी साथ ही ओवरलोड वाहनों को बंद कराकर कारवाई की जाएगी पूर्व मे भी प्रभारी मंत्री को टूटीं हुईं सड़कों की सुचना दे दी गई है और जब अगर जनपद जालौन में खनन हो रहा है तो इसका जनपद कानपुर देहात से परिवहन कैसे किया जा रहा है इसकी सूचना भी जिलाधिकारी को दी जाएगी
साहिल कटियार
संवाददाता सिकंदरा
कानपुर देहात











