यमुना कटान रोकने के नाम पर खेल तो नहीं? ग्राम प्रधान ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
वेदव्यास मंदिर समिति के अध्यक्ष व महामंत्री ने शिकायत कर जांच की मांग की
कालपी (जालौन)। जनपद जालौन की तहसील कालपी अंतर्गत ग्राम पंचायत कीरतपुर के मजरा शेखपुर बुल्दा स्थित विश्वविख्यात धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल महर्षि वेदव्यास जन्मभूमि पर यमुना नदी के कटान को रोकने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे बोल्डर पिचिंग एवं सुरक्षात्मक कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम प्रधान पवनदीप निषाद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराए जाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान पवनदीप निषाद द्वारा भेजे गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि महर्षि वेदव्यास जन्मभूमि प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए आस्था, धर्म और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र है। यमुना नदी के लगातार हो रहे कटान से इस ऐतिहासिक स्थल को खतरा उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है। लेकिन वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता संबंधी नियमों का समुचित पालन नहीं किए जाने की आशंका क्षेत्रीय लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत हो रही है। इसके अलावा बोल्डरों के चयन, उनकी मजबूती, आकार, मात्रा तथा पिचिंग कार्य की तकनीकी प्रक्रिया को लेकर भी कई प्रश्न उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया तो भविष्य में यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने अथवा बाढ़ आने की स्थिति में कटानरोधी व्यवस्था कमजोर साबित हो सकती है, जिससे महर्षि वेदव्यास जन्मभूमि और आसपास के क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ग्राम प्रधान पवनदीप निषाद ने कहा कि महर्षि वेदव्यास जन्मभूमि केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और इतिहास की अमूल्य धरोहर है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थल की सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जनता के धन से कराए जा रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित होना अत्यंत आवश्यक है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है तो इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए आवश्यक है कि किसी स्वतंत्र एवं सक्षम तकनीकी टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया जाए तथा कार्य में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की गहन जांच कराई जाए।
ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जांच के दौरान उन्हें एवं क्षेत्रीय नागरिकों को भी विश्वास में लिया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर मौजूद तथ्यों और शिकायतों को जांच टीम के समक्ष रखा जा सके। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग या तकनीकी मानकों की अवहेलना पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार, निर्माण एजेंसी एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
क्षेत्रीय नागरिकों का भी मानना है कि महर्षि वेदव्यास जन्मभूमि जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो भविष्य में यह स्थल प्राकृतिक आपदा और नदी कटान के गंभीर खतरे का सामना कर सकता है।
अब क्षेत्र की जनता की निगाहें मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि उनकी शिकायत का संज्ञान लेते हुए शासन स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और महर्षि वेदव्यास जन्मभूमि की सुरक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं मानकानुसार कार्य सुनिश्चित कराया जाएगा।
इस संबंध में महर्षि वेदव्यास विकास समिति के अध्यक्ष उमाशंकर निषाद ने कहा कि महर्षि वेदव्यास जन्मभूमि देश की अमूल्य धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है। इस पवित्र स्थल की सुरक्षा के लिए कराए जा रहे कटानरोधी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्रीय लोगों द्वारा गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं तो शासन को मामले की गंभीरता को समझते हुए निष्पक्ष तकनीकी जांच करानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री एवं तकनीकी मानकों की जांच कराकर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कराया जाए।
वहीं महर्षि वेदव्यास विकास समिति के महामंत्री रामजी रामसखा एडवोकेट ने कहा कि यमुना नदी का कटान वर्षों से इस ऐतिहासिक स्थल के लिए चिंता का विषय रहा है। सरकार द्वारा कराया जा रहा सुरक्षात्मक कार्य भविष्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन यदि कार्य में मानकों की अनदेखी की जाती है तो इसका उद्देश्य ही प्रभावित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के धन से कराए जा रहे विकास कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्राम प्रधान पवनदीप निषाद, समिति अध्यक्ष उमाशंकर निषाद एवं महामंत्री रामजी रामसखा एडवोकेट ग्राम प्रधान देवकली बालसिंह निषाद ने संयुक्त रूप से कहा कि महर्षि वेदव्यास जन्मभूमि केवल शेखपुर बुल्दा या जालौन की पहचान नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की आस्था और संस्कृति से जुड़ा हुआ स्थल है। इसकी सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए कराए जा रहे प्रत्येक कार्य की गुणवत्ता सर्वोच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
आर०एन०शुक्ला पत्रकार












