पुखरायां (कानपुर देहात)। नगर पालिका पुखरायां की कथित लापरवाही और अनदेखी के चलते नगर पालिका रोड स्थित मिलन केंद्र कोर्ट रोड पर अस्थाई गौशाला के समीप स्थित पारंपरिक तालाब अब क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। तालाब में पूरे नगर की नालियों और सीवर का गंदा पानी छोड़े जाने से आसपास के 50 से अधिक लोगों के निजी प्लॉट जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोग अपने प्लॉटों पर मकान निर्माण तक नहीं करा पा रहे हैं।
पीड़ित नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा शहर का गंदा पानी बिना किसी समुचित निकासी व्यवस्था के सीधे तालाब में डाला जा रहा है। वहीं तालाब की भूमि पर अवैध कब्जों को भी संरक्षण दिया जा रहा है, जिसके कारण तालाब की प्राकृतिक जलधारण क्षमता समाप्त हो गई है और पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के रिहायशी क्षेत्रों तथा निजी प्लॉटों में भर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और जीवनभर की कमाई से प्लॉट खरीदे थे ताकि भविष्य में अपना आशियाना बना सकें, लेकिन वर्तमान में उनके प्लॉट तालाब का रूप ले चुके हैं। जलभराव के कारण निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है और लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
क्षेत्र में लंबे समय से गंदा पानी भरे रहने के कारण दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और मामले को गलत रिपोर्ट लगाकर टाल दिया जाता है।
प्रभावित लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब में नगर का गंदा पानी डालना तत्काल बंद किया जाए, जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाई जाए, प्रभावित प्लॉटों से पानी निकलवाया जाए तथा तालाब की मेडबंदी कराकर अवैध कब्जों पर रोक लगाई जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों से लेकर शासन स्तर तक अपनी आवाज उठाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि नगर पालिका की उदासीनता के कारण आज दर्जनों परिवार अपने ही प्लॉटों पर घर बनाने के अधिकार से वंचित हो गए हैं और न्याय की उम्मीद में दर-दर भटक रहे हैं।












