कानपुर देहात – जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में तहसील स्तरीय धरती माता बचाओ निगरानी समिति/उर्वरक निगरानी समिति की बैठक एवं फार्मर रजिस्ट्री की कार्यशाला तहसील सभागार अकबरपुर मे आयोजित की गयी
समस्त उर्वरक प्रदायकर्ता कम्पनी प्रतिनिधि, थोक उर्वरक विक्रेता, फुटकर उर्वरक विक्रेता, सहायक विकास अधिकारी (कृषि), कृषि रक्षा एवं सहकारिता की उप जिलाधिकारी सुरभि शर्मा की अध्यक्षता में तहसील अकबरपुर कानपुर देहात में दिनाॅक 23.04.2026 को अपरान्ह 12ः30 बजे बैठक प्रारम्भ की गयी। बैठक में उप कृषि निदेशक, तहसीलदार अकबरपुर, विकासखण्ड अधिकारी अकबरपुर, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (सह0), अपर जिला सहकारी अधिकारी एवं वरिष्ठ प्रावधिक सहायक ग्रुप-ए, क्षेत्रीय प्रबन्धक इफको/कृभको और तहसील के थोक उर्वरक विक्रेता सुशील ट्रेडर्स, दीप सेल्स काॅर्पोरेशन एवं फुटकर उर्वरक विक्रेता, महेश बीज भण्डार, रमेश बीज भण्डार, कुशवाहा बीज एजेन्सी, वैष्णनवी ट्रेडर्स एवं उर्वरक प्रदायकर्ता कम्पनी एच0यू0आर0एल0, एन0एफ0एल0 एवं पी0पी0एल0, कम्पनियों के प्रतिनिधियो द्वारा प्रतिभाग किया गया।
जिला कृषि अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा रसायन उर्वरक मंत्रालय, उर्वरक विभाग के द्वारा उर्वरकों के अंधाधुंद/अत्यधिक प्रयोग को नियंत्रित करने तथा औद्योगिक इकाईयों में अवैध परिसंचालन, कालाबाजारी, ओवर रेटिंग एवं तस्करी को रोकने के साथ ही मृदा स्वास्थ्य में अनुकूल परिवर्तन लाने के उद्देश्य से धरती माता बचाओ अभियान की शुरूआत की गयी है। उप जिलाधिकारी महोदया द्वारा सहायक विकास अधिकारी (कृषि) को निर्देशित किया गया कि तहसील में प्रत्येक ग्राम पंचायत की ग्राम सभा बैठकों के आयोजन की समीक्षा करेंगे, ग्राम स्तर की बैठकें लगातार आहुत करेंगे तथा किसी भी जाली/नकली उर्वरकों एवं उर्वरकों के गैर-कानूनी डायवर्जन की सूचना जिला कृषि अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करायेंगे।
इसी क्रम में उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में जिला कृषि अधिकारी द्वारा समस्त थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में उर्वरक निर्धारित मूल्य पर बेचा जायेगा। उर्वरक के साथ ही कम प्रचलित उर्वरक की टैगिग नहीं की जायेगी। रेट बोर्ड/स्टाॅक बोर्ड, स्टाॅक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर व फर्म बोर्ड प्रत्येक प्रतिष्ठान पर उपलब्ध होना चाहिये तथा विवरण भरा होना चाहिये। जिस व्होलसेलर से काम करते हैं उसका फार्म-ओ लाइसेन्स पर चड़ा हो। कृषकों को फसल सीजन में यूरिया प्रति हे0 भूमि पर अधिकतम 07 बैग तथा डी0ए0पी0 05 बैग से अधिक नहीं दिया जायेगा। उर्वरक बिक्री करते समय कृषक की जमीन का विवरण अनिवार्य रूप से देखा जायेगा तथा खतौनी के आधार पर ही मानक अनुसार उर्वरक वितरण किया जायेगा। उर्वरक पी0ओ0एस0 मशीन में दर्ज उर्वरक, गोदाम का स्टाक, स्टाक रजिस्टर और मौके पर रखे उर्वरक में कोई अन्तर नहीं होना चाहिये। किसी भी उर्वरक का वितरण दिये गये निर्देशों के अनुसार ही किया जाये। सहायक विकास अधिकारी (कृषि) को निर्देशित किया गया कि यदि किसी क्षेत्र में उर्वरक की कमी है तो तत्काल जिला कृषि अधिकारी कानपुर देहात को अवगत करायें। निगरानी समिति क्षेत्र में कृषकों से फीडबैक भी लेंगी और रिपोर्ट जिला कृषि अधिकारी कानपुर देहात के कार्यालय को प्रेषित करेेंगे। उप जिलाधिकारी महोदया द्वारा सहायक विकास अधिकारी (कृषि) को निर्देशित किया गया कि समस्त फुटकर उर्वरक प्रतिष्ठानों एवम समितियों का संचालन उपरोक्त नियमों के अनुसार किया जा रहा है की नहीं,, जिसका निरीक्षण माह में एक बार अपने विकास खंड के सभी उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करें तथा इसकी रिपोर्ट जिला कृषि अधिकारी को प्रस्तुत करें।









