मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भाग पर मध्य क्षोभमंडल तक विस्तृत निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हो रही भारी वर्षा को छोड़कर मानसूनी द्रोणी के अपनी सामान्य स्थिति से आंशिक रूप से दक्षिण में बीकानेर, उक्त निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, सिद्धी, रांची एवं दीघा होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर जाने के परिणामस्वरूप प्रदेश के ज्यादातर पूर्वी एवं मध्यवर्ती भाग में मानसूनी वर्षा में आई गिरावट 12 अगस्त तक जारी रहने के उपरांत उत्तरी-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर ऊपरी क्षोभमंडल तक विस्तृत चक्रवाती परिसंचरण के 12 अगस्त तक निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में संघनित होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ने की संभावना के दृष्टिगत 13 अगस्त से पूर्वांचल की ओर से पुनः प्रादेशिक मानसूनी वर्षा में व्यापक वृद्धि आने वाले दिनों में प्रदेश के मध्यवर्ती एवं पश्चिमी भाग तक पहुंचने के साथ ही प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है|












